???? बिग ब्रेकिंग: थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर संजय कुमार, महिला सिपाही हरप्रिति कुमारी सहित 15 अन्य के खिलाफ अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अभियोग पत्र हुआ दाखिल

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अरविन्द कुमार/अमित कुमार/उजियारपुर:[ समस्तीपुर ] उजियारपुर थाना क्षेत्र के रामपुर एकशिला निवासी विभा देवी ने, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार व महिला सिपाही प्रिति कुमारी सहित अन्य को आरोपित करते हुए, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी दलसिंहसराय के न्यायालय में, अभियोग पत्र दाखिल कर न्याय की गुहार लगायी है।

अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी दलसिंहसराय के समक्ष दाखिल किए गए अभियोग पत्र में पिड़िता ने बताया है कि, गुरूवार 09 मई की देर रात करीब 12:30 उनका पुत्र सौरभ कुमार अपनी बीमार दादी के साथ उसके कमरा में सोया हुआ था। अचानक उसी समय उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार व महिला सिपाही प्रिति कुमारी के साथ साथ करीब 15-16 की संख्या अज्ञात लोग उनके घर पर आ धमके तथा, उनके घर का मुख्य दरवाजा पीटने लगे। जिससे उनकी नींद खुल गयी। जिसके बाद उन्होंने जैसे ही अपने घर का मुख्य दरवाजा खोला, दरवाजे पर खड़े उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने उन्हें जोर से धक्का देकर गिरा दिया, तथा गंदी गंदी गाली देते हुए, उससे उनके बेटे सौरभ के बारे में पुछने लगा। जिस पर उन्होंने उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को बता दिया कि, सौरभ अपनी दादी के साथ उसके ही कमरे मे सो रहा है। उनके इतना कहते ही थानाध्यक्ष ने उनके दुसरे घर का दरवाजा भी धक्का देकर तोड़ दिया। जिसके कारण उनकी बीमार सास अचेत हो गई। जिसके बाद थानाध्यक्ष उजियारपुर मुकेश कुमार उनके पुत्र का बाल पकड़कर घसीटते हुए ले जाने लगा तथा महिला सिपाही प्रिति कुमारी अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उनके घर की तलाशी लेने लगी। तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध सामान नही मिलने से गुस्साए महिला सिपाही ने, उनके घर में रखे कीमती सामान को उठा उठाकर फेंकने लगी। उनलोगों को ऐसा करने से रोकने पर नामजद आरोपित थानाध्यक्ष के साथ आए अन्य पुलिस कर्मी उनके साथ अभद्र व्यवहार व गाली-ग्लौज करते हुए, उनके घर में रखे लाखों रूपए मूल्य का सामान फेंक कर बर्वाद कर दिया, तथा जबरन उनके पुत्र को अपने साथ लेते चला गया। जहां तीन दिनों तक उसकी बुरी तरीके से पिटाई करते हूए शनिवार 11 मई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दाखिल अभियोग पत्र में पिड़िता ने यह भी बताया है कि, उजियारपुर थानाध्यक्ष के द्वारा की गयी इस कार्रवाई से करीब एक सप्ताह पूर्व, उजियारपुर थाना क्षेत्र के चंदौली गांव निवासी, मोहन पाठक का पुत्र रौशन कुमार, बिहार सरकार द्वारा प्रतिबंधित विदेशी शराब पीकर उनके गाँव, रामपुर एकशिला में हंगामा कर रहा था। उसी दौरान गाँव का ही एक लड़का, उनके घर पर आकर उनके पुत्र को इस घटना का जानकारी दिया। जिसके बाद उनका लड़का सौरभ कुमार, शराब पीकर हंगामा कर रहे लड़कों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन नशा में धुत्त रहने के कारण, उन लड़कों ने उनके बेटे की बातों पर ध्यान नही दिया, और हंगामा करता रहा। जिसके कारण उनके बेटे ने इसकी सुचना डायल नंबर 112 की टीम को दे दिया। जिसके बाद शराब पीकर हंगामा कर रहा युवक अपने घर जाने के लिए तैयार हो गया। जिसके बाद उनके पुत्र ने शराब के नशे में धूत्त युवक को एक ई-रिक्शा पर बैठाकर, उसके गांव भेज दिया। उक्त शराबी युवक के घर जाने के बाद, उसका पिता मोहन पाठक उनके घर पर आया, तथा धमकी देते हुए कहा कि वह पुलिस मित्र है और वह उनके बेटा को जेल भिजवा देगा। उक्त घटना के बाद ही उनके बेटे के साथ इस तरह की घटना को अंजाम दिया है। पिड़िता ने शक जाहिर करते हुए कहा है कि, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने, मोहन पाठक व कुछ अन्य स्थानीय थाना के दलाल टाईप के लोगों के साथ मिलकर एक साजिश के तहत उनके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों में बिनोद चौधरी, नितेश चौधरी, दिगंबर कुंवर, अमरेश झा, दिलीप चौधरी, सावित्री देवी, विभा देवी सहित करीब दो दर्जन से अधिक महिलाओं का बताना है कि, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने एक सोची समझी साजिश के तहत, सौरभ को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया है। क्यों कि उजियारपुर पुलिस ने सौरभ कुमार को उसके घर से, रात के करीब 1 बजे, बंद कमरे में सो रहे उसके रूम का दरवाजा व खिड़की तोड़कर उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया है! जबकि उजियारपुर पुलिस उसे घर से करीब एक किलोमीटर की दुरी पर स्थित, बनरा गाछी से अपराध की योजना बनाते हुए, गिरफ्तार करने की बात बता रही है, जो सरासर गलत व बेबुनियाद है। क्यों कि सौरभ को उसके घर से गिरफ्तार कर मारते-पीटते ले जाते हूए उजियारपुर पुलिस को सैकड़ों लोगों ने अपनी आंखों से देखा है। वहीं इस संबंध में विशेष जानकारी के लिए जब एसडीपीओ दलसिंहसराय विवेक कुमार शर्मा के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गयी तो, लगातार दस मिनट तक उनका सरकारी मोबाइल नंबर आउट ऑफ नेटवर्क कवरेज एरिया आता रहा। जिसके कारण प्रशासनिक पक्ष नही जाना जा सका।

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