अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[उजियारपुर] जिले के उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय के उजियारपुर बाजार स्थित, करिहारा निवास परिसर में गुरुवार 15 अगस्त 2024 को, स्थानीय समाजसेवी चंदन कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में, एक शोक सभा का आयोजन कर, जिले के मोहनपुर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष शहीद स्वर्गीय नंदकिशोर यादव की प्रथम पुण्यतिथि काफी गमगीन माहौल में मनाया गया।

इस शोक सभा में मौजूद स्थानीय लोगों ने, सर्वप्रथम शहीद थानाध्यक्ष नंद किशोर यादव के तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए, उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय समाजसेवी चंदन कुमार मिश्रा ने बताया कि, विगत वर्ष 15 अगस्त 2023 की अहले सुबह करीब 2:30 बजे में, पशु तस्करों का पीछा करते हुए मोहनपुर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष नंदकिशोर यादव, उजियारपुर थाना क्षेत्र के शहबाजपुर गांव स्थित एसएच-88 पर, पशु तस्करों के द्वारा की गयी गोलीबारी की घटना में, घायल हो गए थे।

जिसे तत्कालीन एसडीपीओ दलसिंहसराय दिनेश कुमार पांडेय के द्वारा, घायल थानाध्यक्ष को ईलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल दलसिंहसराय में भर्ती कराया गया था। जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेगूसराय के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस दौरान श्री मिश्रा ने यह भी बताया कि, वह अपने फर्ज व ड्यूटी के प्रति इतने वफादार व ईमानदार थे कि, उन्होंने अपने फर्ज को निभाते निभाते अपने प्राणों की आहुति तक दे दी, लेकिन अपने कर्तव्य पथ से पीछे नहीं हटे।

उनका यह बलिदान बेकार नहीं जाना चाहिए। जिला के जितने भी पुलिस पदाधिकारी हैं, उन्हें श्री यादव के पद चिन्हों चलते हुए, अपने कर्तव्य का निर्वहन पुरी ईमानदारी के साथ करना चाहिए। इस दौरान श्री मिश्रा ने इश्वर से प्रार्थना किया कि, ईश्वर शहिद थानाध्यक्ष के आत्मा को शांति प्रदान करने, तथा उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में सहनशक्ति दें।

मौके पर मौजूद स्थानीय समाजसेवी अनिल कुंवर ने कहा कि, बिहार पुलिस के लिए शहीद नंदकिशोर यादव जी का बलिदान अपूरणीय क्षति रहा है। इनके बलिदान से खासकर बिहार पुलिस को सबक लेना चाहिए कि, किस तरह वह अपने कर्तव्य पथ पर अग्रणी रहते हुए अपने प्राणों की आहुति तक दे दी। वहीं पवन कुमार सिंह का कहना था कि, जिस तरह मोहनपुर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष शहिद नंदकिशोर यादव, अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए शहीद हो गए, यह बिहार पुलिस के लिए एक मिसाल से कम नही है।

उन्होंने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि, शहिद नंदकिशोर यादव को जैसे ही पता चला कि पशु तस्कर उनके इलाके में से पशु की चोरी कर रहे हैं। वह पशु तस्करों का पीछा करते हुए उजियारपुर थाना क्षेत्र के, शाहबाजपुर गांव पहुंच गए थे। जहां अपराधियों को पकड़ने के दौरान अपराधियों की गोली लगने से घायल हो गए थे।

जहां बेगुसराय में ईलाज के दौरान वह शहीद हो गए थे। हालांकि अभी तक उनलोगों को जिला के किसी भी थाना अथवा जिला पुलिस मुख्यालय से, ऐसी खबरें तक प्राप्त नही हुई है, जिससे यह जानकारी मिल सके कि शहीद नंद किशोर यादव की, कम से कम प्रथम पुण्यतिथि पर ही सही जिला पुलिस कप्तान अथवा उनके सहकर्मी पदाधिकारियों के द्वारा कोई शोक सभा का आयोजन किया गया हो, अथवा जिला स्तर पर होने वाले झंडोत्तोलन के दौरान खुले मंच से उनके परिजनों को सम्मानित ही किया जा सका हो।

इस दौरान पवन कुमार सिंह ने जिला पुलिस कप्तान से मांग करते हुए कहा कि, शाहिद नंदकिशोर यादव के परिजनों को 15 अगस्त के शुभ अवसर पर खुले मंच से ही, उन्हें सम्मानित किया जाए। अगर 15 अगस्त 2024 को शहीद के परिजन को सम्मानित किया गया है तो, जिला पुलिस सच मे तारीफ के लायक हैं। अगर नही किया गया है तो समस्तीपुर पुलिस क्या, पुरे बिहार पुलिस को सोचना चाहिए कि वहलोग क्या हैं। मौके पर समाजसेवी चंदन कुमार मिश्रा, अनिल कुंवर, मनोज कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, पवन कुमार चौधरी, अधिवक्ता गौड़ी शंकर झा, हरि चौधरी, बालकृष्ण पाठक, बुधन कुंवर, रामबाबू साह सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।







