अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के मुख्य द्वार पर, भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने, अपने मांगों के समर्थन में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी, अपने हाथों में मांगों से संबंधित स्लोगन लिखी तख्तियां व बैनर पोस्टर लेकर, सरकार के विरोध में जमकर नारे लगाते हुए, समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।

जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने समाहरणालय के मेन गेट को बंद कर दिया। जिला कार्यालय से निकली यह विरोध मार्च समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर एक सभा में तब्दील हो गया। आयोजित इस सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, बिहार की जनता काफी परेशान है। सुखा का बड़ा प्रभाव है, लेकिन बिहार की सरकार कोई भी राहत देने के लिए तत्पर दिखाई नहीं दे रही है। स्मार्ट मीटर के नाम पर तबाही मची हुई है। लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि, लोकसभा चुनाव के बाद बिहार में 200 यूनिट बिजली फ्री दिया जाएगा, लेकिन कुछ भी नही हुआ। वक्ताओं ने बगल के राज्य झारखंड का हवाला देते हुए कहा कि, झारखंड सरकार ने किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ कर दिए जाने की घोषणा की है। क्या नितिश जी यह घोषणा नही कर सकते हैं ? यही नही झारखंड सरकार ने संपूर्ण झारखंड वासियों को 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त में देने का ऐलान किया है, क्या नितिश कुमार यह ऐलान नही कर सकते ? वक्ताओं ने हमलावर होते हुए कहा कि, बिहार में सदियों से 4 सौ रूप्ये समाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि दी जा रही है, जबकि बगल के राज्य झारखंड में समाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 1000 रूपए किए जाने, तथा प्रति महीना 1000 रूपए अलग से दिए जाने का ऐलान किया है। यही नहीं! झारखंड की सरकार ने किसानों, मजदुरों, आदिवासी व गरीबों के लिए अन्य राहत की घोषणा भी की है। हरियाणा व केरला सहित दुसरे अन्य राज्यों की भी सरकार और भी ज्यादा राहत दे रहे हैं, लेकिन बिहार में नितिश जी एक भी काम करने के लिए तैयार नही हैं, और आज जमीन सर्वे के नाम पर गरीबों में काफी परेशानी महसुस हो रहा है। इस दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि, जमीन सर्वे के नाम पर धांधली हो रही है, लूट हो रहा है। जमीन का सर्वे सही रूप से तब होगा जब तमाम गरीबों को, जिनके पास वास भूमि और आवास भूमि नहीं है, उनको 10 डिसमिल जमीन यह देंगे, जिनके पास वासगत का पर्चा नहीं है, उनको वासीगत का पर्चा यह देंगे! जो बेदखल है उन्हें दखल कराएंगे! तभी सही मामले में भूमि का सर्वेक्षण हो सकता है। बिहार सरकार पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि, नितिश जी! अगर आप सरकार चलाने की स्थिति में नहीं हैं, तो आप नैतिक रूप से गद्दी छोड़ दीजिए, नहीं तो आने वाले दिनों में हमारा आंदोलन और भी ज्यादा तेज होगा। आज बिहार में भ्रष्टाचार चरम तक फैल गया है। जन वितरण में लोगों का नाम छांटा जा रहा है। नए राशन कार्ड में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है। लोगों को अनाज नहीं मिल रहा है। बेरोजगार लोगों को रोजगार नही मिल रहा है। बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने के नाम पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। इसलिए बेरोजगार नौजवानों की बहाली, तथा जिन बेरोजगारों का तत्काल बहाली नही हो रहा है, उन्हें तत्काल बेरोजगारी भत्ता मिलनी चाहिए। नितिश सरकार का एक भी काम जनता के हित में, किसानों के हित में, मजदूरों के हित में नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि, नितिश जी आप तो कहते थे कि, हम केन्द्र से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाकर रहेंगे, अब तो डबल इंजन की सरकार है, क्या हो गया क्यों नहीं मिलता है बिहार को विशेष राज्य का दर्जा। उन्होंने कहा कि, बिहार की नितिश सरकार पूरी तरह असफल हो गई है। यह सरकार चलाने के लायक नहीं है। इसलिए या तो उन्हें जनता के मांग को पुरी करनी चाहिए, अथवा नितिश जी को नैतिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस दौरान मौके पर जिला मंत्री सत्यनारायण महतो, नीलम देवी, उपेन्द्र राय, विभूतिपुर विधायक अजय कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।







