???? बिग ब्रेकिंग: थानाध्यक्ष के द्वारा जिले के एक शराब माफिया के शराब लोड जप्त स्कॉर्पियो को दी जा रही वीआईपी सुविधा

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अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) पुलिस कप्तान समस्तीपुर अशोक मिश्रा जब से समस्तीपुर की कमान अपने हाथों में लिए हैं, उसके बाद से ही जिला की पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने में दिन – रात मेहनत कर रहे हैं।

जिले के कुछ थाना क्षेत्रों में होने वाली छिटपुट अपराधों पर भी किस तरह रोक लगायी जाए, उसपर संबंधित थानाध्यक्षों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों व सर्किल ईंस्पेक्टर के साथ मैराथन बैठक कर गहन विचार-विमर्श किए जा रहे हैं। इसके बाबजूद कुछ थानाध्यक्ष ऐसे भी हैं जो, पब्लिक की नजर में पुलिस की बन रही बेहतरीन कार्यशैली को धूमिल करने में लगे रहते हैं।

ताजा मामला उजियारपुर थाना से संबंधित है। जहां उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने उजियारपुर थाना कांड संख्या- 255/24 के तहत जप्त की गयी स्कॉर्पियो, जिससे सैकड़ों बोतल अवैध विदेशी शराब बरामद की गयी थी, को शराब माफिया के कहने पर वीआईपी सुविधा उपलब्ध कराते हुए, उक्त स्कॉर्पियो को नया तिरपाल से ढ़ककर पुरी तरह पैक कर दिया है।

ऐसा नही है कि, उस जगह पर शराब मामले में बरामद और गाड़ियां नही है! जिस स्कॉर्पियो को थानाध्यक्ष उजियारपुर मुकेश कुमार ने, वीआईपी सुविधा देते हुए पानी और धूप से बचने के लिए तिरपाल से ढ़क दिया है, उसके आस पास एक दर्जन से भी अधिक ऐसे वाहन हैं, जो शराब मामले में ही जप्त किया गया है, लेकिन उन दो पहिया और चार पहिया वाहनों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नही दी गयी है।

हालांकि सुत्रों का बताना है कि, उजियारपुर थाना कांड संख्या -255/24 जिसके तहत जप्त वाहन को वीआईपी सुविधा दी गयी है, उसमें भी वृहत पैमाने पर गड़बड़ घोटाला किया गया है। सुत्रों का बताना है कि उजियारपुर थाना कांड संख्या- 255/24 में उजियारपुर पुलिस के द्वारा जब्त की गयी स्कॉर्पियो बेगुसराय जिला के भगवानपुर थाना अंतर्गत किसी व्यक्ति के नाम से निबंधित है, जबकि उस स्कॉर्पियो का इस्तेमाल शराब ढ़ोने के लिए जिला के ही एक कुख्यात शराब माफिया किया करता था।

जिस स्कॉर्पियो वाहन को उजियारपुर पुलिस के द्वारा 17 सितम्बर की देर रात को पकड़ा गया था। जिसमें से तलाशी के दौरान भारी मात्रा में शराब जप्त किया गया गया। जिसके बाद उस स्कॉर्पियो को शराब सहित जप्त कर थाने ले आया गया। वहीं स्थानीय मालती गांव के विश्वसनीय सुत्रों का बताना है कि, जिस जगह पर से इस स्कॉर्पियो को बरामद किया गया था, वहां पर स्कॉर्पियो से पहले एक बड़ी गाड़ी खड़ी थी।

जहां पर कुछ पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे। हालांकि कुछ देर बाद सी उस जगह से वह बड़ी गाड़ी गायब हो गयी, तथा उसी जगह पर शराब सहित स्कॉर्पियो को बरामद कर लिया गया। उसी स्कॉर्पियो को जिला के टॉप शराब माफिया शराब ढ़ोने के काम में लाता था। जिसे उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के द्वारा वीआईपी सुविधा देते हुए, तिरपाल से ढ़ककर रस्सी के सहारे पुरी तरह बांध दिया गया, ताकि उस स्कॉर्पियो को खरोंच तक नही आए।

किसी शराब माफिया के वाहन को इतनी वीआईपी तरीके से रखना ही यह साबित करने के लिए काफी है कि, उस शराब माफिया से थानाध्यक्ष का कोई ना कोई संबंध तो जरूर है। अगर उस शराब माफिया से थानाध्यक्ष का कोई संबंध नही रहता तो, थाने पर खड़ी शराब मामले में जप्त की गयी सभी गाड़ियों को भी वीआईपी सुविधा दिया जा चुका होता, और उसे भी तिरपाल से ढ़क कर हवा, पानी, धूप और बरसात से बचाने का उपाय कर लिया जाता।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जिला पुलिस कप्तान समस्तीपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के इस कारनामें पर क्या कुछ कार्रवाई करते हैं! क्यों कि उजियारपुर थाना के वर्तमान थानाध्यक्ष मुकेश कुमार अपने पुर्व के थाना में भी अपने कारनामों को लेकर काफी चर्चित रह चुके थे।

अब वह खानपुर थाना हो या मुसरीघरारी थाना! इन दोनों थाना में मुकेश कुमार के साथ कार्यरत पुलिस पदाधिकारी इनके बारे में विस्तार रूप से जानकारी दे सकते हैं। वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जब एसडीपीओ दलसिंहसराय विवेक कुमार शर्मा के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गयी तो, उनका मोबाइल नंबर आउट ऑफ नेटवर्क कवरेज एरिया रहने के कारण उनका पक्ष नही जाना जा सका।

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