अरविन्द कुमार/अमित कुमार:( समस्तीपुर ) जिले की मुफस्सिल थाने की पुलिस ने मुफस्सिल थाना कांड संख्या 388/24 में शामिल एक और बदमाश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार बदमाश की पहचान विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर घेपुरा निवासी, स्वर्गीय रामश्रृंगार चौधरी के पुत्र शुभम कुमार उर्फ कारबाबू के रूप में की गयी है।

गिरफ्तार बदमाश के पास 01 देशी पिस्टल 02 जिंदा कारतूस 02 एंड्रॉयड मोबाईल फोन व एक अपाचे बाईक बरामद किया गया है। जिससे आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उक्त जानकारी एएसपी सह एसडीपीओ सदर वन संजय कुमार पांडेय ने बुधवार 16 अक्टूबर को पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिया।
प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि, विगत माह 22 सितम्बर को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी गौरव मोहन को बाईक सवार बदमाशों ने उस समय गोली मारकर जख्मी कर दिया था। जिस समय वह अपने दुकान के सामने खड़ा होकर किसी से बात कर रहे थे।
घटना के समय एक बदमाश को स्थानीय ग्रामीणों ने पकड़कर मुफस्सिल पुलिस के हवाले कर दिया था। घटना के समय ही बनी एसआईटी की टीम उक्त घटना में शामिल बदमाशों की खोजबीन करने व संभावित स्थानों पर छापामारी करने में लगी हुई थी। इसी बीच बुधवार 16 अक्टूबर की देर रात में गश्ती के दौरान गरूआरा चौड़ से शुभम कुमार को 01 देशी पिस्टल, 02 जिंदा गोली, 02 एंड्रॉयड मोबाईल फोन व 01 अपाचे बाईक के साथ गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि इस दौरान 01 अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी जारी है। गिरफ्तार बदमाश शुभम कुमार ने इस घटना में अपनी संलिप्ता स्वीकार भी किया है।
इस दौरान एएसपी सह एसडीपीओ सदर वन संजय कुमार पांडेय ने यह भी बताया कि, गिरफ्तार बदमाश से जब पुछताछ की गयी तो उसका बताना था कि जमीनी विवाद में गौरव मोहन की हत्या के उद्देश्य से उसके उपर गोलीबाड़ी की घटना को अंजाम दिया गया था।
श्री पांडेय ने यह भी बताया कि, गिरफ्तार बदमाश शुभम के खिलाफ विद्यापतिनगर थाना में 03 तथा मुफस्सिल थाना में 02 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उक्त घटना के उद्वेदन के लिए बनी टीम में थानाध्यक्ष मुफस्सिल पिंकी प्रसाद, अपर थानाध्यक्ष मुफस्सिल राकेश शर्मा, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार रजक, नितून कुमार व दिलीप कुमार चौधरी सहित सशस्त्र बल शामिल थे।







