समस्तीपुर: जिला मुख्यालय स्थित वाणिज्य कर विभाग
कार्यालय राज्य-कर संयुक्त आयुक्त समस्तीपुर अंचल समस्तीपुर के कार्यालय परिसर में लोगों की प्यास बुझाने वाला इंडिया मार्क-2 चापाकल आज खुद एक बूंद पानी के लिए तरस रहा है। बीते लगभग एक माह से खराब पड़े इस हैंडपंप से एक बूंद भी पानी नहीं गिर रहा, जिससे यहां आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हैरानी की बात यह है कि इस चापाकल के पुरब दिशा में 1 कदम की दुरी पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) का कार्यालय स्थित है, जबकि पश्चिम दिशा में 10 कदम की दुरी पर जिलाधिकारी का कार्यालय है। इसके बावजूद इतने महत्वपूर्ण स्थान पर लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, और अब तक इसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई है।
वाणिज्य कर विभाग कार्यालय राज्य-कर संयुक्त आयुक्त समस्तीपुर अंचल समस्तीपुर कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं। वहीं, पास में ही सरकारी बस पड़ाव होने के कारण लंबी दूरी की सैकड़ों बसें यहां आकर रुकती हैं। ऐसे में यात्रियों और आम लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। मजबूरी में लोगों को महंगे दामों पर सीलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि इसी माह 7 मार्च को जिलाधिकारी द्वारा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से संबंधित 20 वाहनों को 20 प्रखंडों के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। जिसका काम था संबंधित प्रखंड में बंद व खराब पड़े चापाकल की मरम्मत कर उससे पीने लायक पानी उपलब्ध कराना! लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वह वाहन कहीं नजर भी नहीं आ रहा है। इससे प्रशासनिक दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिलाधिकारी कार्यालय से महज 10 कदम और PHED कार्यालय से एक कदम की दूरी पर लगा हैंडपंप ठीक नहीं हो पा रहा है, तो सुदूर ग्रामीण इलाकों में क्या हाल होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द इस चापाकल की मरम्मत कर लोगों को राहत पहुंचाएं, ताकि आम जनता को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।







