समस्तीपुर। जिले के पतैली में आयोजित भव्य महायज्ञ के दौरान एक बड़ी व्यवस्थागत कमी देखने को मिला। जहां कन्या पूजन कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों कुंवारी कन्याओं को बगैर भोजन-दक्षिणा दिए ही यज्ञ स्थल से वापस उसके घर भेज दिया गया।

जबकि हिन्दु-धर्म के धर्मग्रंथों के अनुसार, कुंवारी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन करने के बाद, उन्हें भोजन और दक्षिणा देना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे में इस चूक को स्थानीय लोगों द्वारा परंपरा के विपरीत बताया जा रहा है।
हालांकि स्थानीय लोग इस घटना को आयोजकों की ओर से जानबूझकर की गई अनदेखी नहीं! बल्कि व्यवस्था में कमी और भीड़ प्रबंधन की समस्या समस्या बता रहे हैं। महायज्ञ में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के कारण इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना जताई जा रही है।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि इस प्रकार की त्रुटि को बाद में कन्या पूजन कर आसानी से सुधारा जा सकता है, जिससे यज्ञ की पवित्रता बनी रहती है। फिलहाल महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में जारी है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय स्तर पर एक नयी चर्चा जरूर शुरू कर दी है।







