समस्तीपुर: ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा) एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के संयुक्त पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार में 8 से 12 अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव के आसार हैं। इस दौरान आसमान में गरज वाले बादल बन सकते हैं तथा 9-10 अप्रैल के आसपास अधिकांश जिलों में हल्की वर्षा के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वानुमानित अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सामान्य दिनों में 4 से 8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पूर्वा हवा चलेगी, जबकि 9-10 अप्रैल को वर्षा के दौरान हवा की गति 22 से 25 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पिछले तीन दिनों के मौसम आकलन में औसत अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्ष आर्द्रता 73 प्रतिशत तथा दोपहर में 42 प्रतिशत रही। हवा की औसत गति 15.5 किमी प्रति घंटा, दैनिक वाष्पण 7.7 मिमी और औसतन 7.2 घंटे प्रतिदिन धूप दर्ज की गई। इस दौरान मौसम शुष्क बना रहा।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं की तैयार फसल की कटाई सावधानीपूर्वक करें, और कटे हुए फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। 9-10 अप्रैल के दौरान किसी भी प्रकार के कीटनाशक का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
गरमा मूंग एवं उरद की बुआई प्राथमिकता के साथ करने की सलाह देते हुए वैज्ञानिकों ने उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने को कहा है। साथ ही बीजों को बुआई से पूर्व कार्बेन्डाजिम से उपचारित कर राइजोबियम कल्चर से ट्रीट करने की सलाह दी गई है।
सब्जी फसलों के तहत भिंडी, नेनुआ, करैला, लौकी और खीरा की बुआई शीघ्र करने को कहा गया है। प्याज में थ्रिप्स कीट की निगरानी करने और अधिक प्रकोप होने पर उचित दवा का छिड़काव मौसम साफ होने के बाद ही करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 9-10 अप्रैल को संभावित बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।







