उजियारपुर/समस्तीपुर। उजियारपुर थाना क्षेत्र के गावपुर छतवारी टोला निवासी 25 वर्षीय सुमन कुमार दास की संदिग्ध मौत मामले में अब प्रेम प्रसंग का एंगल भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं ग्रामीणों और विभिन्न सूत्रों के बीच घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार सुमन कुमार दास मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया जाता है कि काम से लौटने के बाद वह अक्सर नीरा (ताड़ी) का सेवन करता था। इसी दौरान उसकी पहचान और दोस्ती उजियारपुर थाना क्षेत्र के सरस्वती चौक निवासी एक युवक से हुई, जो नीरा बेचने का काम करता था।
स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, कुछ समय पूर्व सुमन के घर पुत्र जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित छठी भोज कार्यक्रम में भी ताड़ी बेचने वाला युवक शामिल हुआ था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच संपर्क बढ़ा। गांव में यह भी चर्चा है कि, इसी दौरान सुमन के पहचान वाली किसी महिला से ताड़ी बेचने बाले युवक की नजदीकियां बढ़ने लगी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि जब इस इस मामले की जानकारी मृतक सुमन को हुई तो, सुमन का विवाद उस महिला और ताड़ी बेचने वाले युवक के साथ हो गयी। विवाद बढ़ने के बाद वह महिला अपने मायके चली गई। इसी बीच सुमन भी काम के सिलसिले में दूसरे राज्य चला गया था। बताया जाता है कि घटना से कुछ दिन पहले ही सुमन वापस अपने घर लौटा था।
ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि, घटना वाले दिन सुमन अपनी बहन के घर गया था, और वहां से लौटने के बाद किसी के बुलावे पर घर से निकला था। इसके बाद देर शाम उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।
कुछ लोगों का दावा है कि घटना के पीछे प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद कारण हो सकता है। वहीं यह भी चर्चा है कि हत्यारे ने सुमन की हत्या करने के बाद उसे आत्महत्या का रूप देने का भी भरसक प्रयास किया। हालांकि इन सभी बातों की अब तक पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई है, और न ही जांच एजेंसियों ने किसी निष्कर्ष की घोषणा की है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल सुमन कुमार दास की मौत रहस्य बनी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी जांच और पुलिस अनुसंधान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि, यह मामला हत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। हालांकि यह घटना कोई ब्लांईड मामला नही है। यह घटना खुली किताब की तरह सबके सामने है। संभव है कि कुछ देर बाद उजियारपुर पुलिस और विभागीय वरीय पदाधिकारी, इस खुली किताब जैसी घटना को बेहद उलझा हुआ मामला बताते हुए इस घटना का की खुलासा कर अपनी पीठ थप-थपाते नजर आएंगे।








