डायन बताकर महिला को खंभे से बांधकर की गई बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदौली गांव वार्ड संख्या-12 से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। गांव की एक महिला को डायन बताकर न केवल सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, बल्कि उसे रस्सी से खंभे में बांधकर बेरहमी से पीटने का भी आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पीड़िता गीता देवी ने इस मामले में छह लोगों को नामजद आरोपित बनाते हुए उजियारपुर थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। थाना को दिए गए आवेदन में पीड़िता ने बताया है कि बीते 7 जून की सुबह वह अपने घर पर मौजूद थीं। इसी दौरान गांव के कुछ लोग उनके दरवाजे पर पहुंचे और उन पर डायन होने का आरोप लगाने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने उन्हें घर से जबरन खींच लिया तथा मारपीट करते हुए अपने घर ले गए।

आरोप है कि वहां महिला को रस्सी के सहारे एक खंभे से बांध दिया गया और उसके बाद बेरहमी से पिटाई की गई। इसी दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विडियो वायरल होने के बाद ईलाके में हरकंप मच गया।

स्थानीय ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद आरोपितों ने महिला को रस्सी से खोलकर मुक्त कर दिया। हालांकि घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पीड़िता और उसके परिजन भय के साये में जीवन यापन कर रहे हैं। पीड़िता गीता देवी ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के मुख्य आरोपित को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे छोड़ दिया गया। इससे पीड़ित पक्ष में नाराजगी देखी जा रही है।

मामले की जानकारी लेने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) दलसिंहसराय विवेक कुमार शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया। इस दौरान उनका मोबाइल फोन अंचल निरीक्षक दलसिंहसराय पिंकी प्रसाद ने रिसीव किया। उन्होंने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में आ चुका है और पीड़िता के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जब मुख्य आरोपित को हिरासत में लेकर छोड़ देने संबंधी प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी तथा मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी कुप्रथाओं के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। चंदौली गांव की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आधुनिक दौर में भी महिलाओं को अंधविश्वास का शिकार बनाकर प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं आखिर कब तक होती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मनरेगा माफियाओं के लाखों रूपए के घोटाले का गवाह बने AE ने बिना जांच पड़ताल किए योजना को दे दी ‘क्लीन चिट’, आवेदक ने AE के जांच को दी सक्षम विभाग के समक्ष चुनौती, घोटाला निकला सही तो इस घोटाले से जुड़े सभी लोगों को जानी पड़ सकती है जेल

मनरेगा माफियाओं के लाखों रूपए के घोटाले का गवाह बने AE ने बिना जांच पड़ताल किए योजना को दे दी ‘क्लीन चिट’, आवेदक ने AE के जांच को दी सक्षम विभाग के समक्ष चुनौती, घोटाला निकला सही तो इस घोटाले से जुड़े सभी लोगों को जानी पड़ सकती है जेल