गावपुर पंचायत में विकास योजनाओं पर सवाल: नाला निर्माण से लेकर मिट्टीकरण ईंटकरण व पीसीसी सड़क कार्यों तक में भारी अनियमितता

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड की गावपुर पंचायत में 15वीं वित्त आयोग एवं मनरेगा योजना के तहत कराए गए विभिन्न विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत में कई ऐसे कार्य कराए गए हैं जिनका आम जनता को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं। इस पंचायत में सबसे ज्यादा लूट ईं

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के कई वार्डों में ऐसे स्थानों पर नाला निर्माण कराया गया है, जहां जल निकासी की कोई वास्तविक स्रोत नही है, बावजूद उस जगह पर नाला का निर्माण कर दिया गया है। जिससे नालों से नियमित रूप से जल प्रवाह नहीं होने के कारण, उसमें पानी जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों का प्रजनन बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, ऐसे निर्माण कार्यों से जनता को कोई लाभ तो नहीं मिला, लेकिन डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा जरूर बढ़ गया है।

मनरेगा योजनाओं में भी गड़बड़ी के आरोप

गावपुर पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कराए गए बाहा उड़ाही (जल निकासी कार्य), मिट्टीकरण, ईंटकरण तथा पीसीसी सड़क निर्माण जैसे कार्यों में भी भारी अनियमितता बरती गई है। कई योजनाओं में कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है। स्थानीय सुत्र का बताना है कि, पंचायत में ऐसी कई सड़कें हैं, जो निर्माण के कुछ सप्ताह बाद ही टूटने लगीं। कई स्थानों पर पीसीसी सड़क की सतह उखड़ गई, जबकि कुछ जगहों पर मिट्टीकरण और ईंटकरण का कार्य भी बरसात के पहले ही क्षतिग्रस्त हो गए।

जानकारों का बताना है कि, यदि बिना सर्वेक्षण के नाला बना दिया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था ना हो तो, वह जल जमाव का केंद्र बन जाता है। स्थानीय सुत्रों का यह भी बताना है कि, विकास योजनाओं में बड़ी मात्रा में कमीशनखोरी का खेल चलता है। जिसके कारण योजना की राशि का एक बड़ा हिस्सा विभिन्न स्तरों पर कमीशन के रूप में खर्च हो जाता है, जिसके कारण धरातल पर गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हो पाता।


वहीं स्थानीय ग्रामीणों का यह भी बताना है कि, जब कभी भी वहलोग शिकायत लेकर मनरेगा कार्यालय गए हैं तो, वहां मौजूद कार्यालय कर्मियों के द्वारा अक्सर कहा जाता है कि, अधिकारी बैठक में हैं, लेकिन उनलोगों के कार्यालय से हटते ही कार्यक्रम पदाधिकारी सदेह हाजिर हो जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का बताना है कि, यदि इस पंचायत के सभी योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो, विकास योजनाओं में हुए कथित भ्रष्टाचार और सरकारी राशि के दुरुपयोग की सच्चाई उजागर हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🔴 बिग ब्रेकिंग: नाजिरपुर पंचायत में मनरेगा योजनाओं के नाम पर लाखों की लूट, बिना मजदूर लगाए अवैध तरीके से निकाली जा रही लाखों की सरकारी राशि, उजियारपुर पीओ के मुंह पर लगा ताला! मोबाइल को नेटवर्क कवरेज एरिया से रखते हैं बाहर

🔴 बिग ब्रेकिंग: नाजिरपुर पंचायत में मनरेगा योजनाओं के नाम पर लाखों की लूट, बिना मजदूर लगाए अवैध तरीके से निकाली जा रही लाखों की सरकारी राशि, उजियारपुर पीओ के मुंह पर लगा ताला! मोबाइल को नेटवर्क कवरेज एरिया से रखते हैं बाहर