
समस्तीपुर। जिला मुख्यालय स्थित एकमात्र सरकारी बस पड़ाव इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से इतर डंपिंग यार्ड के रूप में इस्तेमाल होता नजर आ रहा है। बस पड़ाव परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा जमा है। इतना ही नहीं, पुराने भवनों के टूटे हिस्सों और निर्माण कार्य से निकले मलबे को भी परिसर में ही डंप किए जाने की बात सामने आ रही है। इससे बस पड़ाव की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।
बस पड़ाव में यात्रियों के लिए बसों के ठहराव और आवागमन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन परिसर में जगह-जगह कचरे और मलबे का ढेर नजर आने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरे के कारण परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, भवनों के अवशेष और अन्य मलबे के डंप होने से बस पड़ाव का उपयोगी स्थान भी प्रभावित होता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी बस पड़ाव जैसे सार्वजनिक और महत्वपूर्ण स्थल पर नियमित रूप से साफ-सफाई और कचरा उठाव की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन परिसर में कचरा जमा होना यह दर्शाता है कि, संबंधित विभागों और पदाधिकारियों की निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं है। लोगों का आरोप है कि समय-समय पर सफाई के बजाय कचरे को एक जगह जमा कर छोड़ दिया जाता है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है।
बस पड़ाव में कचरे के साथ पुराने भवनों के अवशेष डंप किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर इन मलबों को निर्धारित स्थल पर ले जाने के बजाय सरकारी बस पड़ाव परिसर में ही क्यों जमा किया जा रहा है, यह जांच का विषय है। यदि निर्माण या भवन तोड़ने से निकले मलबे के निस्तारण के लिए कोई निर्धारित प्रक्रिया है, तो उसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा, इस पर भी संबंधित विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बस पड़ाव में गंदगी और मलबे के कारण यात्रियों के साथ आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कचरे के लंबे समय तक पड़े रहने से दुर्गंध, मच्छर और अन्य संक्रमणकारी परिस्थितियां उत्पन्न होने की आशंका भी बनी रहती है। बरसात के दौरान कचरे और मलबे के आसपास जलजमाव होने से स्थिति और खराब हो जाती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से सरकारी बस पड़ाव का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने, परिसर में जमा कचरा एवं मलबा तत्काल हटाने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है, साथ ही सार्वजनिक परिसर में कचरा या निर्माण मलबा डंप करने की स्थिति में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग भी की गयी है।
अब देखना यह है कि जिला मुख्यालय के इस महत्वपूर्ण सरकारी बस पड़ाव की बदहाल स्थिति पर संबंधित पदाधिकारियों की नजर कब पड़ती है, और परिसर को डंपिंग यार्ड के बजाय यात्रियों के लिए व्यवस्थित बस पड़ाव के रूप में विकसित करने की दिशा में कब ठोस कदम उठाए जाते हैं।







