जिला में संचालित उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने व रोजगार सृजन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, जिला उद्योग केंद्र में किया गया, “वन डे एक्सपोर्ट अवेयरनेस वर्कशॉप फॉर एमएसएमई’ का आयोजन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

समस्तीपुर। स्थानीय उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, कारोबार का विस्तार करने और रोजगार सृजन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, सोमवार 12 अक्टूबर को जिला उद्योग केंद्र समस्तीपुर के सभाकक्ष में, ‘वन डे एक्सपोर्ट अवेयरनेस वर्कशॉप फॉर एमएसएमई’ का आयोजन किया गया। ‘इन्वेस्ट बिहार—अ लैंड ऑफ इमेंस अपॉर्च्युनिटीज’ की थीम पर आयोजित इस कार्यशाला में उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं, बैंकिंग सहयोग और वैश्विक बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यशाला का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह एवं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में भारत सरकार के इंडिया पोस्ट से आशुतोष नंदन एवं मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव राकेश कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक सुबोध कुमार तथा एमएसएमई निर्यात सलाहकार ऋषु राज उपस्थित रहे।

निर्यात से कारोबार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

स्वागत भाषण में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, स्थानीय उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग से अवगत कराना आवश्यक है। इससे उद्यमी अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और कारोबार का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने उद्यमियों को निर्यात के अवसरों की पहचान करने, तथा बाजार की जरूरतों को समझकर अपने कारोबार को नई दिशा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने निर्यात को केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित न मानते हुए इसे कारोबार विस्तार, रोजगार सृजन, निवेश और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण संभावना बताया। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को उचित मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

दस्तावेजीकरण और क्लीयरेंस की समस्याएं भी उठीं

कार्यशाला के दौरान उद्यमियों ने निर्यात के क्षेत्र में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को भी सामने रखा। दस्तावेजीकरण की जटिलताओं, क्लीयरेंस में होने वाली परेशानियों, विभागीय समन्वय और समय पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

इस दौरान प्रक्रियाओं को सरल बनाने, उद्यमियों को समय पर सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों का मानना रहा कि, निर्यात संबंधी जानकारी के साथ व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी जरूरी है, ताकि छोटे और मध्यम उद्यम अंतरराष्ट्रीय कारोबार की दिशा में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकें।

डाक सेवाओं और बैंकिंग सुविधाओं की दी गई जानकारी

तकनीकी सत्र में एमएसएमई निर्यात सलाहकार ऋषु राज ने निर्यात से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इंडिया पोस्ट के आशुतोष नंदन एवं राकेश कुमार ने डाक सेवाओं और निर्यात से संबंधित सुविधाओं पर प्रकाश डाला। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक सुबोध कुमार की उपस्थिति में बैंकिंग एवं वित्तीय सहयोग से जुड़े विषयों पर संवाद किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को निर्यात के प्रति जागरूक करना, और उन्हें उपलब्ध संस्थागत सुविधाओं से जोड़ना रहा। आयोजकों के अनुसार, सही जानकारी, सरल प्रक्रियाओं और प्रभावी सहयोग के माध्यम से समस्तीपुर के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के साथ कारोबार और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

मौके पर बियाडा के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक कुमार तथा जिला उद्योग केंद्र के राहुल, बिपिन चंद्र, मुकेश कुमार एवं पूर्णवासी मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उजियारपुर थाना क्षेत्र में 72 घंटा के अंदर उत्पाद पुलिस की दुसरी बड़ी कार्रवाई, थाना से 2 किलोमीटर की दुरी पर घंटों खड़ी रही लाखों रूपए मूल्य के ब्रांडेड शराब लोड कंटेनर, उजियारपुर पुलिस को जानकारी भी नही हुई, उत्पाद पुलिस ने छापामारी कर बरामद कर लिया प्रतिबंधित विदेशी शराब