???? बिग ब्रेकिंग: पुलिस मुख्यालय के आदेश की उड़ायी जा रही है धज्जियां, खाकी की जगह ट्रैक पैंट व टी-शर्ट पहन ड्यूटी करते हैं पुलिस के जवान, नही होता विभागीय आदेश का पालन

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अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: समस्तीपुर पुलिस के जवान हमेशा किसी ना किसी वजह से, सुर्ख़ियों में बने ही रहते हैं। अब वह मामला चाहे बस से जा रहे युवक को बस में खींच कर पीटने की हो, चाहे मथुरापुर में ई रिक्शा चालक को पीटने की हो  या पटेल गोलंबर पर पुलिस जीप को खड़ा करके गाड़ी में ही गहरी नींद में सो जाने का हो। हर बार पुलिस अपनी ही करतूत की वजह से मिडिया के सुर्खियों में बनी रहती है। हालांकि उपरोक्त सभी मामलों में वर्तमान पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर, विनय तिवारी के द्वारा दोषी कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई भी की जा चुकी है।इस तरह के कुछ मामले को ठंडे बस्ते में भी डाल दिया जाता है।

ताजा मामला नगर थाना की है। जहां रविवार 3 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे, बिना वर्दी पहने ही पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी दे रहे थे। बिना वर्दी ड्यूटी कर रहे सिपाही का नाम प्रकाश कुमार बताया जा रहा है। बताया जाता है कि ट्रैक पैंट व टीशर्ट में ड्यूटी कर रहा सिपाही, नगर थाना में मुंशी का भी काम करता है, लेकिन उक्त सिपाही के साथ साथ, थाने में तैनात अन्य सिपाही व कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी ड्रेस कोड मैन्युअल का पालन नहीं कर रहे है। जबकि पुलिस मुख्यालय का साफ तौर पर आदेश है कि, बिना वर्दी कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी नही करेंगे, लेकिन नगर थाना मे पुलिस मुख्यालय के उस आदेश की भी जमकर धज्जियां उड़ायी जा रही है। पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक, पुलिस के शरीर पर ड्यूटी के दौरान वर्दी ना होकर, अन्य तरह के लिबास होने पर, आम लोगों में पुलिस की छवि भी खराब होती है। ऐसे में बेहतर पुलिसिंग में वर्दी की अहमियत को देखते हुए, पुलिस विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को ड्यूटी के दौरान, वर्दी पहनने की सलाह दी गई थी। पुलिस मुख्यालय के द्वारा जारी की गयी आदेश में, साफ तौर पर कहा गया था कि, जिन कार्यालयों में वर्दी पहनना जरूरी नहीं है, वहां भी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी वर्दी पहनेंगे, ताकि आमलोगों के बीच पुलिस की छवि अच्छी बनी रहे। बावजूद कुछ पुलिसकर्मी, अपनेषही वरीय पदाधिकारी के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाते नजर आ ही जाते हैं। जिसके कारण वरीय पदाधिकारी के आदेश भी बौने साबित हो रहे हैं। आपको बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में, किसी भी थाना में मुंशी का काम किससे लिया जाना है, यह भी स्पष्ट कर दिया था। जिसके अनुसार किसी भी थाना में मुंशी का काम उन्हीं सिपाहियों से लिया जा सकता है, जिन्होंने अपनी सेवाकाल का कम से कम दस वर्ष की अवधि पुरा कर लिया हो। अब देखना यह है कि, ट्रैक पैंट व टीशर्ट में अपनी ड्यूटी कर रहे दोनों सिपाहियों के विरूद्ध पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। हालांकि सुत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, उक्त सिपाही थाना में टेक्निकल काम देखता है। जिसके तहत आचरण प्रमाण पत्र व पासपोर्ट वेरिफिकेशन आदि का काम भी प्रकाश कुमार नामक युवक ही देखता है। सुत्रों का यह भी बताना है कि, उक्त मुंशी के द्वारा आचरण प्रमाण पत्र व पासपोर्ट वेरिफिकेशन से संबंधित काम के लिए अवैध राशि की उगाही भी की जाती है।

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