अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) जिला मुख्यालय स्थित पटेल मैदान में कुशवाहा समाज के युथ आइकॉन निशिकांत सिन्हा का, रविवार 23 दिसम्बर को शहर के पटेल मैदान में भव्य स्वागत किया गया।

इस दौरान निशिकांत सिन्हा को स्थानीय जिला के लोगों ने, फूलों से सजी गाड़ी पर बिठाकर तथा उनके उपर पुष्प वर्षा करते हुए मंच तक ले गए। जहां उनका स्वागत करीब 100 किलो फूलों से बनी माला से किया गया। तत्पश्चात इस जनआशीर्वाद संवाद यात्रा की शुरूआत निशिकांत सिन्हा व रेणु कुशवाहा ने, दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान सभा में मौजूद हजारों लोगों को संबोधित करते हुए, युथ आइकॉन सह युवा उद्यमी समाजसेवी निशिकांत सिन्हा ने कहा कि, बिहार ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, कृषि,व प्रतिभा की खान है। इसके बावजूद अपना यह प्रदेश अपने पिछड़ेपन के कारण पुरे देश को सिर्फ श्रम और प्रतिभा का आपूर्तिकर्ता राज्य बन कर रह गया है।
बिहार की माटी से कई कामयाब लोग निकले हैं। जिसमें उद्योगपति, अफसर, नेता, अभिनेता आदि का नाम तक शामिल है, लेकिन बहुत कम लोग हैं जो अपनी माटी का कर्ज उतारने के लिए बिहार लौट कर आते हैं, और यहां के लिए कुछ करना चाहते हैं, लेकिन वह अपने बिहार के लिए कुछ कर गुजरने का उद्देश्य लेकर वह संपूर्ण बिहार में, जनआशीर्वाद संवाद यात्रा पर निकले हैं।
इस दौरान श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि, उनका उद्देश्य है कि आने वाले दिनों में बिहार के लोगों के हाथ में रोजगार, हर बच्चे को शिक्षा, व हर परिवार को सम्मान दिला कर बिहार को आंत्मनिर्भर बिहार बना सके। इस दौरान निशिकांत सिन्हा ने यह भी बताया कि, वह बचपन से ही शिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी के स्थायी समाधान पर विचार करते रहे हैं।
इसकी शुरुआत उन्होंने एचआर जॉब कंसल्टेंसी से किया। जिससे जुड़कर हजारों युवाओं ने निजि क्षेत्र के मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी पायी। जिसके बाद उन्होंने यहीं से समाजसेवा की शुरुआत कर दी, और गुजरात के वडोदरा को अपना पहला कर्मभूमि बनाया।
जहां से आईटी सेक्टर में अपनी सूझ-बूझ से देश और दुनिया में बिहार का नाम रोशन किया। इस दौरान इन सफलताओं के बीच भी उन्होंने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दिया।
इस दौरान उन्होंने समाज के गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें दिल्ली और कोटा जैसे शहरों में रखकर उन्हें यूपीएससी, आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी करवाई, और आज वह बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, तथा प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा कर रहे हैं, और देश की नई पीढ़ी को प्रेरणा दे रहे हैं।
श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि, उन्होंने गरीब छात्रों के लिए विशेष छात्रावास तथा धर्मशालाओं का निर्माण भी करवाया है। श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि, राज्य तथा देश के विकास में जिसकी जितनी भागीदारी है, उसकी उतनी हिस्सेदारी भी होनी चाहिए।
इसलिए वह बिहार को आत्मनिर्भर राज्य बनाने तथा सबको उसकी हिस्सेदारी व भागीदारी दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए ही उन्होंने प्रत्येक जिले में जनआशीर्वाद संवाद सभा की शुरुआत किया है।







