समस्तीपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के केंद्र पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू रोड से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं महिला प्रभाग की नेशनल कोऑर्डिनेटर राजयोगिनी शारदा दीदी ने भाई-बहनों को आध्यात्मिक शक्तियों को बढ़ाने के विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया।

उन्होंने कहा कि जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक अनुशासन आवश्यक है। दिनचर्या की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में प्रातः चार बजे आँख खुलते ही परमात्मा पिता को गुड मॉर्निंग कहकर करनी चाहिए। इसके बाद प्रतिदिन प्रातः चार से पाँच बजे तक एक घंटा परमात्मा का स्मरण करते हुए बुद्धि का कनेक्शन उनसे जोड़ना चाहिए, जिससे आत्मा में आध्यात्मिक शक्तियों का संचार होता है।
उन्होंने आगे बताया कि प्रतिदिन सेंटर पर आकर परमात्मा के महावाक्यों का श्रवण करना चाहिए तथा अपने दैनिक कार्य-व्यवहार में परमात्मा पिता की श्रीमत और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। हर कार्य को परमात्मा को साथ रखकर निमित्त भाव से करना चाहिए। रात्रि में पूरे दिन का समाचार सच्चे मन से परमात्मा को सुनाकर मन को हल्का कर विश्राम करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान शारदा दीदी को चुनड़ी, फूलों के मुकुट और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सविता बहन, रंजना बहन, कुंदन बहन, सोनिका बहन एवं पूजा बहन उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन कृष्ण भाई ने किया, जबकि ओम प्रकाश भाई ने सुंदर गीत प्रस्तुत कर दीदी के सम्मान में भावांजलि अर्पित की। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में समस्तीपुर, रोसड़ा, पटोरी, दलसिंहसराय, पूसा, मोहिउद्दीननगर और ताजपुर सहित जिले के विभिन्न स्थानों से तीन सौ से अधिक भाई-बहनों ने भाग लिया। मुख्य रूप से रमेश चांदना, सतीश चांदना, निर्दोष जी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. उपेंद्र तथा डॉ. दशरथ तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।







