समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय व उजियारपुर बाजार से सटे पंचायत लखनीपुर महेशपट्टी के महेन्द्र चौक से लखनीपुर, भीड़ी टोल लगुनियां गांव होते हुए समस्तीपुर जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क में रेलवे गुमटी संख्या- 47 तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य शिलान्यास के 21 माह बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है।

यही नही! इस सड़क पर निर्माण कार्य से संबंधित कोई निर्माण सामग्री भी नही दिख रहा है। आपको बता दें कि 13 लाख 72 हजार 211 रूपए की लागत से, महेन्द्र चौक से 47 नंबर रेलवे गुमटी की ओर जाने वाली, तक़रीबन एक किलोमीटर की दूरी तक बनने वाली इस सड़क का शिलान्यास उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आलोक कुमार मेहता ने, 09 मार्च 2024 को किया था। इस सड़क के शिलान्यास के बाद स्थानीय लोगों में इस सड़क के निर्माण होने की जानकारी से काफी खुशी थी, लेकिन उनलोगों की यह खुशी ज्यादा दिनों तक नही टिक पायी।

अब सड़क के शिलान्यास होने से खुश लोग ही अपनी खीझ विधायक के कार्यकर्ताओं को खरी-खोटी सुनाकर उतार रहे हैं। जबकि शिलान्यास के समय स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए उजियारपुर विधायक आलोक कुमार मेहता ने कहा था कि, “एक माह के अंदर इस सड़क पर पीसीसी का निर्माण कार्य एक माह के अंदर शुरू कर दिया जाएगा”, लेकिन आज पुरे 21 माह पुरे हो चुके हैं, लेकिन सड़क का निर्माण होना तो दुर अब तो विधायक या उनके स्थानीय कार्यकर्ता शिलान्यास स्थल पर दिखते तक नही हैं।

सड़क निर्माण नही होने के कारण महेंद्र चौक से रेलवे गुमटी संख्या- 47 की ओर जाने वाली इस मार्ग पर घर से निकलने वाला पानी के साथ-साथ मानसून के महीने में बारिश का पानी भी जमा हो जाता है, जिससे अक्सर साईकिल सवार व बाईक सवार लोगों के साथ सड़क हादसे होते रहते थे। जिसके कारण स्थानीय लोग अपने निजि खर्च से बालू, ईंट, मिट्टी आदि लेकर उस गड्डे को भरने में लगे रहते हैं, ताकि कोई सड़क हादसा ना हो।
स्थानीय विधायक की उदासीनता के कारण आज भी इस सड़क की हालत काफी दयनीय है। जबकि इसी मार्ग में पंचायत सरकार भवन व एक मकतब विद्यालय है। जहां पढ़ाई करने इस फकिरतकिया मुहल्ले के बच्चे जाते हैं, तथा पंचायत से संबंधित काम के लिए पुरे पंचायत के लोग भी इसी रास्ते से पंचायत सरकार भवन तक जाते हैं, बाबजूद विभाग के लोग कुंभकर्ण की तरह घोड़ा बेचकर सो रहे हैं।
जबकि इस सड़क का उपयोग समस्तीपुर जिला मुख्यालय जाने के लिए, पतैली पुर्वी, पतैली पश्चिमी, गावपुर, लोहागीर, उजियारपुर बाजार आदि के लोग करते हैं, क्यों कि इस रास्ते से जाने पर जिला मुख्यालय की दुरी करीब 3 किलोमीटर कम हो जाती है। वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जब उजियारपुर विधायक आलोक कुमार मेहता के मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया तो, उन्होंने कॉल रिसीव नही किया।
जिसके बाद उनके निजी सचिव अशोक कुमार से उनके दुरभाष संख्या पर बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि, विगत 21 माह में जितनी भी सड़के बनायी गयी है, उसकी राशि बिहार सरकार द्वारा हस्तांतरण नही किया गया है। इसलिए ही महेंद्र चौक से रेलवे गुमटी संख्या 47 तक का पीसीसी निर्माण कार्य भी अटका हुआ है। सरकार के तरफ से राशि रिलीज होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। अभी सभी ठिकेदार का हाथ भी पुरी तरह खाली है। अब देखना यह मजेदार होगा कि, बिहार सरकार के खजाने में कब तक पैसा आता है, और यहां के लोगों को इससे कब तक निजात मिल पाती है।







