महारानी की जिंदगी जीने के लिए जहां भी गयी! अपराधी, शराब माफिया व सता-पक्ष के लोगों से रखे मधुर संबंध

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बिहार की आवाज। संवाददाता। समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में पूर्व में पदस्थापित प्रखंड स्तरीय एक पदाधिकारी के कारनामें बड़े ही अजीबो-गरीब रहे हैं। उक्त पदाधिकारी ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए हमेशा शराब माफिया, अपराधियों और कुछ नेताओं से करीबी संबंध बनाए रखने को लेकर चर्चा में रहा है।

बताया जाता है कि वह जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर अपनी सेवा दे चुका है, और जहां-जहां भी उसकी पदस्थापना होती थी! वहां-वहां वह शराब माफिया, अपराधी और राजनीतिक दलों के नेताओं से “अपनापन” का रिश्ता बना लिया करती थी। सूत्रों के अनुसार उक्त पदाधिकारी अपने शराब माफिया और अपराधी दोस्तों के साथ पटना, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों की सैर भी कर चुकी है।

इतना ही नहीं, वह इन लोगों से समय-समय पर महंगे उपहार भी स्वीकार करती रही है। जिसमें कपड़ा, सोने व हीरों की ज्वेलरी, मोबाइल फोन तक शामिल है। चर्चा तो ऐसी भी है कि उसके संबंध सिर्फ शराब माफियाओं और अपराधियों तक ही सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि पटोरी अनुमंडल क्षेत्र के एक पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि और एक पटना में बैठने वाले जनप्रतिनिधी के भतीजे से भी उसकी काफी नजदीकियां रही हैं।

स्थानीय स्तर पर तो लोगों के बीच यह भी  चर्चा है कि, उसने अपने मनमाफिक पद को पाने और बनाए रखने के लिए, उक्त पदाधिकारी किसी भी हद तक गिरने से पीछे नहीं हटता था। जनप्रतिनिधियों और शराब माफियाओं के साथ काले शीशे लगी काली स्कॉर्पियो में घूमना उसका शौक बताया जा रहा है, जिसकी चर्चा पहले समस्तीपुर में होती थी, लेकिन अब उस पदाधिकारी का यह करतूत दुसरे जिले में चर्चा  विषय बना हुआ है।

हालांकि उस पदाधिकारी व उसके वरीय पदाधिकारी की जाति एक होने के कारण उसकी गलतियो को माफ कर दिया जा रहा है। आपको बता दें कि, वर्तमान समय में वह पदाधिकारी समस्तीपुर जिला के सीमावर्ती एक जिले में पदस्थापित है। जहां मनमाफिक कुर्सी नही मिलने से उसके अंदर बेचैनी छा गयी, और तत्काल वह अपने राजनितिक दोस्त के साथ पटना पहुंची, और वहां दो दिन रूकी।

जब सीट कंफर्म हो गया तो वह अपने जिला लौट आयी, और एक ईमानदार पदाधिकारी को उस कुर्सी से अपने शराब माफिया जनप्रतिनिधि दोस्त की मदद से हटवाकर उस कुर्सी पर बैठ गयी। अब वहां भी उसने एक माह में 5-7 शराब माफियाओं से मधुर संबंध बना रखे हैं। जिसकी चर्चा अब उक्त जिले में भी होने लगी है। हालांकि विश्वसनीय सुत्रों का बताना है कि, शेर के खाल में छुपा वह गीदर बहूत जल्द एक बार फिर से गीदर बनने जा रहा है।

रहस्य व रोमांच से भरी इस कहानी के अगली कड़ी में पढिए “अपने आपको सबसे ज्यादा सुंदर व काबिल समझने वाली एक भ्रष्ट पदाधिकारी, स्कूटी लेकर रात के आठ बजे अमित कुमार के आवास पर क्या करने गयी थी ? की अनदेखी कहानी”

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