भाकपा (माले) राज्य सम्मेलन की तैयारी तेज, समस्तीपुर में बनी व्यापक रणनीति

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समस्तीपुर। भाकपा-माले जिला कमिटी की एक दिवसीय बैठक, मंगलवार 28 अप्रैल को मालगोदाम चौक स्थित पार्टी जिला कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माले जिला सचिव उमेश कुमार ने किया। बैठक में आगामी 16 से 18 मई तक दरभंगा जिले के लहेरियासराय में आयोजित होने वाले भाकपा(माले) के 12वें बिहार राज्य सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में राज्य सम्मेलन के समर्थन में गेट, पोस्टर, फेस्टून, दीवार लेखन और व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित कर कोष संग्रह अभियान को भी तेज किया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी, धीरेंद्र झा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की नवगठित सरकार जनता के मुद्दों से कट चुकी है, और बुलडोजर राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का खजाना खाली है और करीब 10 लाख कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। वहीं मनरेगा मजदूरों का करोड़ों रुपये बकाया है, लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है।

उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी आर्थिक संकट से गुजर रही है, जबकि सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में मजदूरों के बढ़ते आक्रोश का जिक्र करते हुए कहा कि, महंगाई और कम वेतन से मजदूर वर्ग परेशान है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पर थोपे गए युद्ध का असर भारत के मजदूरों पर भी पड़ रहा है, और LPG गैस संकट के कारण प्रवासी मजदूर फिर से पलायन को मजबूर हो रहे हैं।

धीरेंद्र झा ने कहा कि पिछले पांच महीनों से स्कीम वर्कर्स और अन्य कर्मचारियों को मेहनताना नहीं मिला है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि “माले का बढ़ेगा जोर, तभी भाजपा होगा कमजोर” के नारे को राज्य सम्मेलन के जरिए और मजबूत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी और वामपंथी दलों के साथ मिलकर भाकपा (माले) भाजपा की नफरत की राजनीति का मुकाबला करेगी।

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी सदस्य मंजू प्रकाश ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक सितंबर 2023 में ही संसद से पारित हो चुका है। हाल में जो विधेयक गिरा, वह परिसीमन से जुड़ा था, न कि महिला आरक्षण से। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए नई जनगणना और परिसीमन को अनिवार्य शर्त क्यों बनाया जा रहा है। उनका आरोप था कि भाजपा महिला आरक्षण लागू करने को लेकर गंभीर नहीं है और इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

बैठक में जिला कमेटी सदस्य अजय कुमार, महावीर पोद्दार, दिनेश कुमार, हरिकांत झा, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामचंद्र पासवान, उपेंद्र राय, रौशन यादव, आसिफ होदा, रंजीत राम, अनिल कुमार चौधरी, जयंत कुमार, फिरोजा बेगम, नंदकिशोर राय, सुनील कुमार, लोकेश राज, बैजनाथ महतो, दीपक यदुवंशी, खुर्शीद खेर, मो. दुलारे, चंदेश्वर यादव, वीरेंद्र राम और मो. समीम मंसूरी सहित कई नेता मौजूद रहे।

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