समस्तीपुर में ‘खाकी’ बेपरवाह: आधी रात घर में घुसकर मां-बेटी से दरिंदगी की कोशिश, न्याय के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता, उजियारपुर पुलिस मौन

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समस्तीपुर। बिहार में महिला सुरक्षा के दावों की जमीनी हकीकत क्या है, इसका एक जीता-जागता और शर्मनाक उदाहरण समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र से सामने आयी है। यहाँ एक मनचले व्यक्ति ने आधी रात को एक महिला के घर में घुसकर, उक्त महिला व उसकी 10 वर्षिया नाबालिग बच्ची के छेड़छाड़ जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

हद तो तब हो गयी जब घटना की शिकायत पिड़िता के द्वारा 20 मई को ही उजियारपुर थानाध्यक्ष से किया तथा आवेदन भी दे दी, थानाध्यक्ष ने उक्त आवेदन के आलोक में प्राथमिकी भी दर्ज कर लिया, लेकिन आज घटना के करीब एक माह पुरे होने वाले हैं, लेकिन थानाध्यक्ष ने अभी तक नामजद आरोपित को गिरफ्तार तक नही किया है, जेल भेजना तो दुर की बात है। उजियारपुर पुलिस के इस शिथिल रवैया से पिड़ित महिला काफी डरी सहमी है। जिस डर के कारण उक्त पिड़िता न्याय के लिए लगातार थाने की परिक्रमा कर रही है, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

घटना के संबंध में उजियारपुर थाना क्षेत्र की उक्त महिला ने उजियारपुर थाना को आवेदन देकर बताया है कि, वह मंगलवार 19 मई की रात अपनी 10 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ अपने झोपड़ीनुमा घर में खटिया पर सोई हुई थीं। रात के 12 बजे जब उनकी आंख खुली तो, देखा कि भगवानपुर कमला पंचायत के सैदपुर गांव निवासी, मोहम्मद सालीह का 48 वर्षीय बेटा मोहम्मद नाज, उनकी खटिया पर बैठा था और उनके साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ कर रहा था।

जब वह घबराकर खटिया से नीचे उतरी तो, आरोपित मोहम्मद नाज ने उन्हें पकड़ लिया, तथा उनकी बेटी के साथ भी छेड़छाड़ करने लगा। जिसके बाद उन्होंने मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। घटना के कल होकर उन्होंने उजियारपुर थाना को आवेदन भी उपलब्ध कराया, लेकिन घटना के एक माह पुरे होने वाले हैं, लेकिन उजियारपुर पुलिस उसे गिरफ्तार करने से पीछे हट रही है।

इस दौरान महिला ने उजियारपुर थानाध्यक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि, थानाध्यक्ष आरोपित से पैसा ले लिए हैं जिसके कारण उसे गिरफ्तार नही कर रहे हैं। जबकि आरोपित मोहम्मद नाज जब भी उन्हें ग्रामीण सड़कों पर आते जाते देखता है तो, अश्लील बातें बोलते हुए गंदे इशारे भी करता है।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि, समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक इस तरह के गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हैं या नही? उजियारपुर थाने के लापरवाह रवैये पर कोई कार्रवाई होती है या नही ? या फिर एक और मां-बेटी की गुहार पुलिस फाइलों की धूल फांकती रह जाएगी ? सबसे बड़ी बात कि जिस तरह आरोपी उक्त महिला को राह चलते देखकर अश्लील बातें व गंदे इशारे करता है, अगर कोई अनहोनी उस मां बेटी के साथ हो जाती है तो, क्या उसकी जिम्मेवारी उजियारपुर पुलिस लेगी ?

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