समस्तीपुर। समस्तीपुर के मंगलगढ़ में 35 वर्षों से अधिक समय से बसे 907 भूमिहीन परिवारों को उजाड़ने के खिलाफ, जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष 12 मार्च से चल रहे अनिश्चितकालीन “घेरा डालो–डेरा डालो” आंदोलन के दूसरे दिन शुक्रवार 13 मार्च की देर शाम, भाकपा माले का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और सबूत सौंपे। दस्तावेजों के अवलोकन के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जांच में सरकारी जमीन की हेराफेरी या उजाड़ने की कार्रवाई गलत पाई जाती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी की जाएगी।
भाकपा माले जिला सचिव उमेश कुमार ने बताया कि जिले के भूमिहीन परिवारों को वास भूमि और आवास उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को पर्चा देने तथा पर्चाधारियों को कब्जा दिलाने की मांग को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।जिलाधिकारी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिलाध्यक्ष उपेंद्र राय, माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार तथा मंगलगढ़ निवासी रमेश महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे।
जिलाधिकारी द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया। आंदोलनकारियों की सहमति के बाद दो दिनों से जारी घेरा डालो–डेरा डालो आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।







