समस्तीपुर: जिला मुख्यालय से सटे मोहनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया, स्वर्गीय अखिलेश राय की 20वीं पुण्यतिथि मगरदही के खरीदाबाद मुहल्ले में आज श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों व परिजनों के साथ-साथ राजनितिक दल के नेताओं व उनके समर्थकों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय अखिलेश राय व स्वर्गीय राम उदेश राय के तैल्य चित्र व उनके आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन धारण कर की गई। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि, स्वर्गीय अखिलेश राय व स्वर्गीय राम उदेश राय एक निर्भीक, जनप्रिय एवं समाज के प्रति समर्पित नेता थे। उनके कार्यकाल में पंचायत के विकास एवं आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए किए गए कार्यों को आज भी लोग याद करते हैं।
इस दौरान मौके पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि, आज ही के दिन 13 अप्रैल 2006 को बदमाशों ने अत्याधुनिक हथियार से मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में गोलियों से भूनकर उनकी हत्या कर दी थी। जिससे क्षेत्र ने एक सशक्त नेतृत्व खो दिया था। जिसकी कमी आज भी महसूस की जाती है। उनके विचार और संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आपको बता दें कि, आज का यह दिन समस्तीपुर जिले के लोगों के लिए सिर्फ एक तारीख ही नहीं, बल्कि एक दर्दनाक याद और सम्मान का प्रतीक भी है।
यह 13 अप्रैल 2006 वही दिन है जब क्षेत्र ने अपने लोकप्रिय और निर्भीक मुखिया अखिलेश राय को हमेशा के लिए खो दिया था। वर्ष 2006 में आज ही के दिन, दिनदहाड़े बेखौफ अपराधियों ने AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर अखिलेश राय की हत्या कर दी थी। गोलियों की गूंज ने पूरे इलाके को दहला दिया था। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की हत्या थी, बल्कि उस भरोसे और नेतृत्व पर भी हमला था, जो उन्होंने वर्षों में जनता के बीच बनाया था।
अखिलेश राय सिर्फ एक मुखिया नहीं थे, बल्कि आम लोगों की आवाज थे। गांव-गांव जाकर समस्याओं को सुनना, गरीबों के हक के लिए खड़ा होना और विकास के लिए संघर्ष करना ही उनकी मुख्य पहचान थी। यही कारण था कि उस समय में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही थी। उनकी हत्या के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई थी। लोग सड़कों पर उतर आए थे, न्याय की मांग तेज हो गई थी और प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे थे।
आज भी उस घटना की चर्चा होते ही लोगों की आंखें नम हो जाती हैं। आज, उनकी 20वीं पुण्यतिथि पर लोग एक बार फिर उसी जगह, उसी भावना के साथ उन्हें याद कर रहे हैं। श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हो रही हैं, और लोग उनके चित्र पर फूल चढ़ा रहे हैं, तथा उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया जा रहा है।
आज 20 साल का समय भले ही बीत गया हो, लेकिन अखिलेश राय की यादें, उनके काम और उनकी छवि आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उनकी कहानी इस बात की गवाही देती है कि सच्चे जनसेवक कभी भुलाए नहीं जाते। इस मौके पर उनके परिवारजनों ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में पुर्व विधान पार्षद सह सह राजद की वर्तमान जिलाध्यक्ष रोमा भारती, उजियारपुर विधायक आलोक कुमार मेहता,विभूतिपुर विधायक अजय कुमार, सरायरंजन के राजद विधायक प्रत्याशी अरविन्द सहनी, नगर निगम समस्तीपुर की महापौड़ अनिता राम, समस्तीपुर विधानसभा के पुर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहिन, राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर, राजद नेत्री सरिता कुमारी, राजद नेता राजेश्वर महतो, मोहम्मद परवेज आलम, विजेन्द्र राम सहित कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक सहित राजद नेता मौजूद रहे।







