???? बिग ब्रेकिंग: उजियारपुर BPRO पर लगा 1 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए के हेराफेरी का आरोप

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गजट प्रकाशन के बाद 1 करोड़ 24 लाख 68 हजार 489 रुपया निकासी का आरोप

उप प्रमुख ने कहा अनियमितता हुई है जिसकी जांच आवश्यक

अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: उजियारपुर प्रखंड की पुर्व प्रमुख रिंकी कुमारी ने, जिलाधिकारी समस्तीपुर को आवेदन देकर, प्रखंड पंचायतीराज पदाधिकारी BPRO उजियारपुर के खिलाफ, प्रखंड में पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यभार को बदलने के दौरान, करीब 1 करोड़ 68 लाख 489 रुपये की अनियमितता किए जाने की बात कही है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की गयी है।

इस संबंध में प्रखंड सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार द्वारा पंचायत समिति का कार्यपालक पदाधिकारी का पद, BPRO से BDO को देने का विगत 10 नबंर को राज्यपाल के द्वारा गजट प्रकाशित कर दिया गया। गजट प्रकाशित होने के बाद भी यानी 13 नवम्बर से 19 दिसम्बर के बीच, अलग अलग तिथि को 1 करोड़ 68 लाख से अधिक की राशि की निकासी कर ली गई है, जो वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है। इधर इस संबंध में प्रखंड उप-प्रमुख प्रमोद राय ने भी उपरोक्त निकासी को अवैध बताते हुए कहा है कि, उन्होंने BPRO को कार्यपालक पदाधिकारी का पद बीडीओ को दिए जाने की सरकारी आदेश का हवाला देते हुए, राशि की निकासी पर रोक लगाने के लिए कहा था। इसके बाबजूद भी BPRO ने प्रभार सौपने से संबंधित, डीएम का पत्र नही मिलने तक राशि निकासी को जायज बताते हुए, राशि निकासी कर बड़े स्तर पर बंदरबांट कर लिया है जिसका जांच होना आवश्यक कहा।

बीडीओ ने कहा गजट के बाद राशि निकाशी अवैध:

उजियारपुर बीडीओ डॉ भृगुनाथ सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि, जब कभी भी गजट प्रकाशित हो जाता है तो, उसी वक्त से वित्तीय निकासी के कार्य पर रोक लगा दिया जाता है, बाबजूद उजियारपुर BPRO ने आनन फानन में कई किश्तों में 1 करोड़ 68 लाख से अधिक की राशि की निकासी कर लिया है, वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, अभी तक उन्हें पूर्ण प्रभार ( अर्थात वित्तीय लेख जोखा का हिसाब) नही दिया गया है।

बीपीआरओ ने कहा आरोप है निराधार:

वही इस संबंध उजियारपुर BPRO डॉ प्रभात रंजन ने, अपने उपर लगे सभी आरोप को निराधार बताते हुए, कहा कि, कि उन्हें प्रभार देने का पत्र जिलाधिकारी ने 19 दिसम्बर को दिया है। उसके बाद उनके द्वारा 26 दिसम्बर को प्रभार बीडीओ को दे दिया गया। इसलिए 19 दिसंबर तक राशि की निकासी वैध था।

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