गुवाहाटी[ब्यूरो रिपोर्ट गुवाहाटी] असम प्रदेश के गुवाहाटी उलूबरी में, साहनी कांवारिया संघ (एनजीओ) के महासचिव राजू सहनी के नेतृत्व में सीआईडी मुख्यालय ने, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट व उल्लेखनीय योगदान देने व सराहनीय कार्य करने वाली, करीब 100 महिलाओं को सम्मानित किया। समारोह की शुरुआत में सभी महिलाओं को पाग, चादर व बुके देकर सम्मानित किया गया।

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर श्रम भवन मे भी एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रम भवन में काम करने वाली सभी महिलाओं को फूल माला, चादर व बुके देकर सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित इस समारोह में मौजूद महिलाओं को, महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए, गुवाहाटी सहनी कांवरिया संघ के महासचिव राजू सहनी ने कहा कि, महिला दिवस का औचित्य तब तक प्रमाणित नहीं होता है, जब तक कि सच्चे मायनों में महिलाओं की दशा नहीं सुधरती है।

इस दौरान यह भी देखा जाना चाहिए कि, क्या महिलाओं के उनके अधिकार प्राप्त हो रहे हैं या नही। सच्चे अर्थों में महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी होगा, जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी। और उनमें कुछ करने का आत्मविश्वास जागेगा। हमलोगों को चाहिए कि महिला दिवस के इस आयोजन को सिर्फ रस्म अदायगी ना समझा जाए। इस तरह के समारोह में जितनी बातें कही जाती अगर उस पर ध्यान दिया जाए तो, यह महिलाओं के प्रति एक शुभ संकेत होगा। समाजसेवी राजू सहनी ने यह भी बताया कि, महिलाओं में अधिकारों के प्रति समझ विकसित हुई है।

अगर वह चाहें तो अपनी शक्ति को स्वयं समझकर, समाज में जागृति और क्रांति दोनों ला सकती हैं। जिससे वह महिलाएं घरेलू अत्याचारों व कामकाजी महिलाएं भी कार्यालयों में होने वाली उत्पीड़न से छुटकारा पा सकती हैं। शास्त्रों में भी कहा गया है कि, जहां स्त्रियों का सम्मान होता है वहीं देवताओं का भी निवास होता है। वैसे तो नारी को संपूर्ण संसार में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, लेकिन हमारे भारतीय संस्कृति व परंपराओं में, स्त्री को विशेष स्थान सदियों से दिया जा रहा। इस दौरान राजू सहनी ने समारोह में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए यह भी बताया कि, शिक्षित एवं संपन्न महिलाओं को चाहिए कि, वह पिछड़ी महिलाओं के लिए जो भी कर सकती हैं करें।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की दशा सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है, क्योंकि महिलाओं की समस्याएं महिलाएं ही समझ सकती हैं। इसलिए शिक्षित एवं संपन्न महिलाएं इस दिशा में विशेष योगदान दे सकती हैं, ताकि महिला दिवस की सार्थकता साबित हो सके।मौके पर श्रमायुक्त अनामिका तिवारी, उपश्रमायुक्त अजंता शर्मा, डीआइजी इंद्राणी बरुआ, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रणब ज्योति गोस्वामी, एसपी मिरिंडा इंटिपी, रोजी शर्मा, सुधाकर सिंह, गुवाहाटी साहनी कांवरिया संघ (एनजीओ) के अध्यक्ष राजकुमार कंवर, महासचिव राजू सहनी, मिडिया प्रभारी विद्यानंल झा, सलाहकार रविन्द्र साहनी, कोषाध्यक्ष सुनिल साह, कार्यकारी अध्यक्ष सिताराम साहनी, उपसचिव शुरेश साहनी व कन्हैया जायसवाल, सदस्य के एन सिंह, किशन जायसवाल व लेखक कमल कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।








