
अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[ समस्तीपुर ] जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल के सरकारी जमीन पर, एक राजनितिक पार्टी के नेता द्वारा, अवैध कब्जा कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद, भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने, शनिवार 13 जुलाई को जिलाधिकारी समस्तीपुर योगेंद्र सिंह को शिकायती आवेदन-पत्र देकर, जिलाधिकारी के द्वारा स्वयं मामले की जांच कर, सदर अस्पताल की जमीन वापस लेने एवं दोषियों पर कारवाई करने की मांग की है।

इस मामले से संबंधित आवेदन जिलाधिकारी को उपलब्ध कराते हुए, भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि, नवनिर्वाचित एक सांसद के काफी करीबी रह चुके नेता मनोज गुप्ता के द्वारा, सदर अस्पताल के दक्षिणी चारदीवारी को तोड़कर, पुरब से पश्चिम तक कई कट्ठा जमीन को युद्धस्तर पर कब्जा किया जा रहा है, साथ ही कुछ जमीन पर कब्जा भी कर लिया गया है।

जिस पर संबंधित राजनितिक पार्टी के नेता द्वारा, अपने निर्माणाधीन होटल का पार्किंग, रास्ता आदि बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। यही नही उक्त नेता के द्वारा उस जमीन पर ईंट का पीलर आदि का निर्माण भी, रात्री के समय में युद्धस्तर पर करवाया जा रहा है। इस मामले में सदर अस्पताल के सिविल सर्जन व प्रशासनिक अधिकारायों की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल उठाया।

इस दौरान भाकपा माले नेता ने, अस्पताल की जमीन बचाने को अन्य संगठन, एवं दलों के नेताओं से भी आगे आने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, अगर इस मामले में जिलाधिकारी द्वारा त्वरित कारवाई नहीं की जाती है तो, भाकपा माले अन्य संगठनों एवं दलों के साथ मिलकर आंदोलन चलाने को बाध्य होगी। वहीं इस बाबत पुछे जाने पर भाजपा नेता मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि, भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह के द्वारा, उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झुठे व बेबुनियाद है।

उनके द्वारा उस जमीन पर किसी भी प्रकार का कोई भी निर्माण कार्य नही कराया जा रहा है। उनके उपर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह राजनिति से प्रेरित होकर लगाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस जगह पर कब्जा करने की बात की जा रही है, उस जगह पर कुछ जमीन उनके पूर्वजों ने तत्कालीन माननीय राष्ट्रपति के नाम दान कर दिया था। वह उस जमीन पर क्यूं कब्जा करेंगे।
इस दौरान भाजपा नेता मनोज कुमार गुप्ता ने भी जिलाधिकारी से यह मांग किया है कि, जिस जमीन पर कब्जा किए जाने की बात की जा रही है, उसकी मापी सरकारी अमीन से कराकर सदर अस्पताल के हिस्से की जमीन को लेकर अस्पताल प्रशासन चहारदिवारी का निर्माण करा ले।







