अरविन्द कुमार/अमित कुमार: [ उजियारपुर ] उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न पंचायत के जनवितरण विक्रेताओं की मनमानी अपने चरमसीमा को पार कर चुकी है। जनवितरण विक्रेताओं की मनमानी का आलम यह है कि, वह अपने जनवितरण की दुकान के लाभुकों से फिंगरप्रिंट तो ले लेते हैं, और जब लगातार तीन महीनों तक फिंगरप्रिंट लेने के बाद अनाज नही मिलने पर, जब लाभूकों के द्वारा अनाज की मांग की जाती है तो, जनवितरण विक्रेता उसे देख लेने की धमकी तक दे देते हैं।

ताजा मामला जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत लोहागीर पंचायत के जनवितरण विक्रेता देवनारायण सिंह से संबंधित हैं। जहां लोहागीर पंचायत के वार्ड संख्या 02 तथा वार्ड संख्या 05 मलिकाना टोला निवासी, मीनाक्षी देवी, रामनरेश राय, सुरेंद्र पासवान, दहाउर पासवान, रेखा देवी, रामकली देवी, चुन्नी बेगम, नथुनी राय, सुधा देवी, पिंकी देवी, लक्ष्मी पंडित, मिलन देवी, रेखा देवी, माला देवी सहित करीब दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों का बताना है कि, स्थानीय जनवितरण विक्रेता देवनारायण सिंह के द्वारा, राशन किरासन का वितरण करने में, उनलोगों के साथ वृहत पैमाने पर धांधली की जा रही है।

स्थानीय लोगों का बताना है कि उनके डीलर देवनारायण सिंह के द्वारा, तीन से आठ माह तक का राशन/किरासन फिंगरप्रिंट लेने के बाद भी नही दिया जा रहा है।
पूछने पर 2 दिन 4 दिन 5 दिन रूकने का बोलकर बात को टाला जाता रहता है। स्थानीय लोगों का यह भी बताना है कि, जब उनलोगों को राशन नहीं दिया जाता है, तो फिंगरप्रिंट भी क्यों लिया जाता है ? स्थानीय लोगों का यह भी बताना है कि, जब से पॉश मशीन से राशन का वितरण किया जाना शुरू हुआ है, तब से जन वितरण विक्रेता देवनारायण सिंह के द्वारा, प्रत्येक 2 से 3 महीना पर अंगूठे का निशान लेकर, 2 महीने का राशन दे दिया जाता है तथा 2 से 3 महीने का राशन रोक लिया जाता है, और बताया जाता है कि अगले महीने मिलेगा, लेकिन वह अगला महीना कभी आता ही नहीं है।
जब उन लोगों के द्वारा जनवितरण विक्रेता देवनारायण सिंह से राशन की मांग की जाती है तो, जन वितरण विक्रेता के द्वारा यह कहा जाता है कि, राशन वितरण करना उनकी मर्जी पर है।
उनकी इच्छा होगी तो राशन वितरण करेंगे, इच्छा नही होगी तो वह राशन वितरण नही करेंगे। स्थानीय महिलाओं का बताना था कि, उनके जनवितरण विक्रेता देवनारायण सिंह पॉस मशीन लेकर, सभी के घर-घर जाकर महिलाओं से फिंगरप्रिंट लगवा लेते हैं, और 2 दिन का समय देकर, 2 महीना तक भी अनाज का वितरण उन लोगों के बीच नहीं करते हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी बताना था कि, अगर जल्द से जल्द उनलोगों के बकाए अनाज का वितरण नहीं किया गया तो, वहलोग प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी घेराव भी करेंगे। वहीं इस बाबत पूछे जाने पर स्थानीय प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि उन्हें इस तरह के मामले की जानकारी नहीं थी। अब जबकि जानकारी मिली है तो उसकी जांच कराएंगे, और दोषी लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








