अरविन्द कुमार/अमित कुमार:( समस्तीपुर) जिले के उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित ई किसान भवन के प्रांगण में, पैक्स चुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया शनिवार 16 नवम्बर से शुरू हो गई है। नामांकन के प्रथम दिन अध्यक्ष पद के लिए 03 तथा सदस्य पद के लिए 17 कुल 20 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में गावपुर पंचायत से वर्तमान पैक्स अध्यक्ष विद्यानंद सिंह, तो चांदचौर मध्य पंचायत से धीरज कुमार चौरसिया सहित मालती पंचायत से भी अध्यक्ष पद के लिए एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन दाखिल करने पहुंचे गावपुर पैक्स अध्यक्ष विद्यानंद सिंह व चांदचौर मध्य पंचायत के धीरज कुमार चौरसिया ने बताया कि, अगर वह पैक्स अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करते हैं तो, किसानों से संबंधित सभी परेशानियों को दुर कर दिया जाएगा।
हालांकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से उजियारपुर बीडीओ अमित कुमार के द्वारा कोई व्यवस्था नही की गयी थी। सैकड़ों लोगों की भीड़ को संभालने के लिए मात्र एक अंचल गार्ड को बैरिकेटिंग के पास नियुक्त कर दिया गया था। नामांकन स्थल के पास समर्थकों की भीड़ देखकर लोगों को समझ में ही नही आ रहा था कि, नामांकन स्थल के पास धारा 144 लागू है भी या नही।
विधि व्यवस्था के नाम पर मात्र एक अंचल गार्ड अपनी ड्यूटी निभाते नजर आए। जबकि पुर्व में जब भी पंचायत चुनाव अथवा पैक्स चुनाव के लिए नामांकन स्थल की घोषणा होती थी तो, स्थानीय संबंधित थाना के द्वारा उक्त नामांकन स्थल पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से तथा वैसे नामजद आरोपित व नामजद अपराधियों की सुची लेकर मौजूद रहती थी, जो कानून की नजर में फिरार हैं, लेकिन उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय में नामांकन के दौरान पुलिस पदाधिकारी तो दुर की बात है, थाना के एक बिहार ग्रामीण पुलिस बल तक को प्रतिनियुक्त नही किया गया था।
ऐसे में तो यह भी संभव है कि, उजियारपुर पुलिस व उजियारपुर बीडीओ की निष्क्रियता के कारण कानून की नजर में फिरार अपराधी भी आराम से अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर वापस फिरार हो सकेंगे।
नामांकन स्थल पर नामांकन कर्मियों के लिए पीने के पानी तक की थी घोर किल्लत
उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित ई किसान भवन परिसर में नामांकन कर्मियों के लिए किसी प्रकार की कोई सुविधा नही दिखी। नामांकन कार्य में जुटे एक कर्मी ने नाम नही प्रकाशित करने के शर्त पर बताया कि, नामांकन कर्मियों के लिए नाश्ता और भोजन तो छोड़ दिजिए, एक गिलास पीने के पानी तक का व्यवस्था संबंधित पदाधिकारी के द्वारा नही किया गया हैं। जबकि विगत वर्षों में हुए पैक्स चुनाव के दौरान तत्कालीन संबंधित पदाधिकारी के द्वारा नामांकन कर्मियों के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती थी।








