समस्तीपुर। बिहार की आवाज। अरविन्द कुमार
समस्तीपुर। जिला मुख्यालय स्थित साईबर थाना के थानाध्यक्ष सह एसडीपीओ दुर्गेश दीपक ने, साईबर थाना का कार्यभार संभालने के बाद से, साईबर फ्रॉड का शिकार हुए लोगों की राशि वापिस दिलाने के मामले में ईतिहास रचने में लगे हुए हैं।

फिलवक्त समय में भी उन्होंने लगातार सफलता हासिल करते हुए, तीन दिनों में तीन लोगों की राशि वापिस कराया है। इस कड़ी में एसडीपीओ सह थानाध्यक्ष साईबर, दुर्गेश दीपक ने बिथान थाना क्षेत्र के मनोरवा खैरा पंचायत के सोहमा वार्ड 14 निवासी, मायाराम साहनी के पुत्र ओमप्रकाश साहनी का 85587 रूपए, सिंघिया थाना क्षेत्र के अगरौल जहांगीरपुर लगमा गांव निवासी, जयचंद यादव के पुत्र संजीत कुमार यादव का 45000 रूपए तथा हसनपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी, महेन्द्र पासवान के पुत्र को 30000 रूपए वापस कराया है।
इस संबंध में एसडीपीओ सह साईबर थानाध्यक्ष दुर्गेश दीपक ने बताया कि, बिथान थाना क्षेत्र के मनोरवा खैरा सोहमा गांव निवासी, ओमप्रकाश साहनी को अनजान व्यक्ति के द्वारा कॉल करते हुए बताया गया कि, वह उनका बैंककर्मी बात कर रहा है, तथा उनके बैंक खाते का केवाईसी करना है। जिसकी बातों में आकर ओमप्रकाश साहनी ने, उस साईबर फ्रॉड को अपने बैंक से संबंधित सारी जानकारी दे दी।
जिसका फायदा उठाकर उस साईबर फ्रॉड ने ओमप्रकाश साहनी के खाते से 98,623 रूपए गायब कर दिया। जिसके बाद आवेदक ने 1930 पर कॉल करके ( National Cyber Crime Helpline) शिकायत दर्ज कराया था। जिसके बाद उक्त शिकायत के आलोक में समस्तीपुर साईबर थाना में थाना कांड संख्या-31/2024 दर्ज करते हुए, कार्रवाई शुरू कर दिया गया।
तत्पश्चात समस्तीपुर न्यायालय से आदेश मिलने के बाद, बुधवार 18 जून को पिड़ित व्यक्ति को 85 हजार 5 सौ 87 रूपए वापिस दिला दिया गया। वहीं हसनपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी, अमरदीप कुमार ने नेशनल साईबर क्राईम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराया था कि, उनके बैंक खाते से साईबर फ्रॉड के जरिए 30 हजार रूपए की निकासी कर ली गयी है।
जिसके बाद उन्होंने अग्रेतर कार्रवाई करते हुए, पिड़ित युवक अमरदीप कुमार को 30 हजार रूपए वापिस करा दिया। इसी तरह सिंघिया थाना क्षेत्र के अगरौल जहांगीरपुर लगमा निवासी, संजीत कुमार यादव ने नेशनल साईबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराया था कि, उनके बैंक खाते से 45 हजार रूपए का साईबर फ्रॉड हो गया है।
जिसके बाद उन्होंने नेशनल साईबर क्राईम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायत संख्या 20505250020780 के आलोक में कार्रवाई करते हुए पिड़ित व्यक्ति को कुल 45 हजार रूपए वापिस दिला दिया।
आपको बता दें कि साईबर थाना के थानाध्यक्ष के रूप में एसडीपीओ दुर्गेश दीपक के कार्यभार संभालने के बाद जिला में साईबर फ्रॉड के शिकार होने वाले लोगों के बीच में एक आशा की किरण जगी है। सावधानी बरतने के बाद भी अगर कोई शख्स साईबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है तो, वह निश्चिंत रहता है कि, साईबर थानाध्यक्ष दुर्गेश दीपक उनकी सहायता अवश्य करेंगे।







