समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत गावपुर पंचायत के एक युवा किसान ने पपीते की खेती कर अपने क्षेत्र के युवाओं के प्रेरणाश्रोत बन गए हैं। मुरली मनोहर सिंह नाम का यह शख्स पारंपरिक खेती को छोड़ आधुनिक तरीके से नगदी फसल उपजाकर अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं।

मुरली मनोहर सिंह ने बताया कि, मात्र 15 कट्ठा खेत में इस पपीते की खेती से हर साल लाखों रुपए की आमदनी हो रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि, डॉक्टर भी अपने रोगी को पपीता खाने की सलाह देते हैं। जिसके कारण सालों भर पपीते की मांग बाजार में बनी रहती है। श्री सिंह का बताना है कि, पहले वह पारंपरिक खेती ही किया करते थे, लेकिन उन्होंने अपने एक अंकल के कहने पर पपीते की खेती शुरू किए थे, जो आज उनके लिए वरदान साबित हुआ है।
इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि, इस नवरात्रा में कलश स्थापना से लेकर अष्टमी की तिथि तक उन्होंने गांव के ही व्यापारियों के हाथों करीब 20 क्विंटल पका हुआ पपीता बेच चुके हैं। आने वाले दिनों में इसकी खेती वह वृहत पैमाने पर करने की सोच रहे हैं।
मुरली मनोहर सिंह ने यह भी बताया कि, आज के युवा अगर चाहें तो पपीता की खेती कर केला व अन्य नकदी फसलों से बेहतर कमाई कर सकते हैं। अगर देखा जाए तो पपीता की खेती में लागत भी बहुत ही कम आता है। किसान भाई सिर्फ गोबर की खाद से ही पपीता का बेहतर उत्पादन कर सकते हैं। पपीते की खेती के लिए उन्होंने नर्सरी के पौधे को उगाए जाने पर बल दिया।








