समस्तीपुर। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) की बैठक सोमवार को लेनिन आश्रम, मालगोदाम चौक समस्तीपुर परिसर में आयोजित की गई। बैठक खेग्रामस जिला प्रभारी सह राज्य उपाध्यक्ष जीवछ पासवान एवं मनरेगा संघ के जिला प्रभारी उपेन्द्र राय की उपस्थिति में शहरी मजदूर महेन्द्र साह की अध्यक्षता तथा मनोज पोद्दार के संचालन में संपन्न हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले के हसनपुर अंचल के मंगलगढ़ में जमींदारों, सामंतों और पुलिस-गुंडा गठजोड़ द्वारा करीब 907 गरीब व भूमिहीन परिवारों के घरों को बुलडोजर से उजाड़ दिया गया तथा विरोध करने पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए। वक्ताओं ने मांग की कि उजाड़े गए गरीबों और भूमिहीनों का शीघ्र पुनर्वास किया जाए, अन्यथा उन्हें बासगीत पर्चा देने की गारंटी की जाए।
बैठक में यह भी कहा गया कि समस्तीपुर शहर के मालगोदाम से पूरब सड़क किनारे बसे शहरी मजदूर और भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले गरीबों को वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन जिलाधिकारी एवं रेल प्रबंधन द्वारा झोपड़ीनुमा घर बनाकर कुष्ठ कॉलोनी के रूप में बसाया गया था। वर्षों से बसे इन परिवारों को भी बासगीत पर्चा देने की मांग की गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न अंचलों में वर्षों से बसे गरीब भूमिहीन परिवारों को अंचलाधिकारी द्वारा हटाने व उजाड़ने के लिए जारी नोटिस को तत्काल वापस लेने तथा उन्हें बासगीत पर्चा देने की मांग उठाई गई।
इन मांगों को लेकर भाकपा (माले) और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के संयुक्त बैनर तले 12 मार्च से जिला समाहर्ता कार्यालय के समक्ष सरकारी बस स्टैंड परिसर में अनिश्चितकालीन “डेरा डालो–घेरा डालो” आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई।
बैठक को जीवछ पासवान, उपेन्द्र राय, मोस्मात ज्ञांति देवी, चिंता देवी, पवन देवी, वीरेन्द्र शर्मा, राहुल कुमार, विजेन्द्र नट, संगीता देवी और सोमनी देवी समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाकपा (माले) जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आंदोलन की घोषणा की।







