NH-122 पर महिला की दबंगई का वीडियो वायरल, टोल प्लाजा पर खड़े पिकअप में पीछे से मारी टक्कर! उल्टे बीच सड़क पर पिकअप चालक की कॉलर पकड़कर कर दी पिटाई! तमाशबीन बने रहे मौके पर मौजूद लोग

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

बेगूसराय। बरौनी-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-122 पर, गुरुवार 21 मई की दोपहर एक महिला की दबंगई का मामला सामने आया है। पुलिस स्टीकर लगी कार से चल रही उक्त महिला ने, टोल प्लाजा पर खड़े पिकअप में पीछे से टक्कर मारने के बाद, उल्टे बीच सड़क पर पिकअप चालक को उसके पिकअप से कॉलर पकड़कर पिकअप से बाहर निकाला उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग इस पूरे मामले पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार 21 मई की दोपहर एक पिकअप वाहन, टोल टैक्स देने के लिए लाइन में खड़ा था। तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई पुलिस स्टीकर लगी कार पिकअप से टकरा गई। टक्कर में कार के अगले हिस्से पर हल्की सी खरोंच आ गयी। जिसे देखने के बाद कार सवार महिला आगबबूला हो गयी।

जिसके बाद कार सवार महिला ने पिकअप चालक को कॉलर पकड़कर पिकअप से नीचे उतार लिया, और पिकअप चालक की जमकर धुनाई करने लगी। वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि, महिला चालक को कभी इधर तो कभी उधर घसीटते हुए गाली-गलौज कर रही है, साथ ही चालक की पिटाई भी कर रही है! यही नही! वह पिकअप चालक के मां-बहन को गालियां भी दे रही है।

हालांकि इस दौरान मौके पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे। किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत तक नही जुटाई। जिसके कारण करीब एक घंटे तक एनएच पर हंगामा चलता रहा, जिससे NH-122 पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाबजूद वह महिला पुलिस के सामने भी लगातार पिकअप चालक का कॉलर पकड़े रही और बहस करती रही। बाद में पुलिसकर्मियों के मना करने पर महिला ने पिकअप चालक का कॉलर छोड़ा।

उधर थानाध्यक्ष गितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि, टोल प्लाजा के पास कार सवार महिला और पिकअप चालक के बीच विवाद हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल:

वीडियो वायरल होने के बाद अब सोशल मीडिया पर कई सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि, जब कार ने पीछे से पिकअप में टक्कर मारी, तो आखिर गलती किसकी थी? सवाल यह भी उठ रहा है कि कार की रफ्तार कितनी तेज थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

घटना के दौरान पिकअप चालक पूरी तरह शांत नजर आया। मारपीट और गाली-गलौज के बावजूद उसने पलटकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कई लोग इसे उसकी सहनशीलता और महिला सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।

वहीं कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि अगर इसी घटना की स्थिति विपरित होती, और कोई पुरुष किसी महिला चालक के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहा होता तो मौके का माहौल शायद पूरी तरह अलग होता। मौके पर मौजूद सभी तमाशबीन लोगों के अंदर की मर्दानगी जाग जाती और सभी सुपरहीरो की तरह उस पिकअप चालक से महिला को बचाने के लिए मैदान ए जंग में कूद पड़ते, लेकिन सैकड़ों लोगों के सामने एक व्यक्ति एक दबंग महिला के हाथों पिटता रहा, लेकिन किसी ने उसे बचाना मुनासिब नही समझा।

फिलहाल यह वीडियो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस स्टीकर लगी कार के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। कानूनी जानकारों का बताना है कि, किसी भी निजि वाहन पर बिना विभागीय अनुमति के पुलिस, प्रेस या प्रशासन या अन्य सरकारी पहचान लिखना कानूनन गलत माना जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति अपने निजी वाहन पर इस प्रकार का कोई भी शब्द लिखकर उसका गलत इस्तेमाल करता है तो, पुलिस मोटर वाहन अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में, उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सामान्य तौर पर केवल अधिकृत पुलिस वाहन या ड्यूटी पर तैनात अधिकृत अधिकारी ही वाहन पर पुलिस का मोनोग्राम, स्टीकर या पहचान चिह्न लगा सकते हैं।

निजी वाहन पर ऐसा स्टीकर लगाकर रौब झाड़ना या पहचान छिपाना हो सकता है, जो गलत माना जाता है। उक्त प्रकार के मामलों में अलग अलग कार्रवाई स्थानीय पुलिस प्रशासन व डीटीओ या एमभीआई के द्वारा किया जा सकता है। जिसके तहत दोषी व्यक्ति के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काटा जा सकता है।

कई राज्यों में तो इस तरह के मामलों में ₹5000 तक जुर्माना भी लगाया जाता है। यही नहीं! अगर इस दौरान यह पता चलता है कि, पुलिस, प्रेस या प्रशासन लिखी गाड़ी का दुरुपयोग किया जा रहा है तो, धोखाधड़ी या प्रतिरूपण की धाराएं भी लग सकती हैं। कभी-कभी तो ऐसे मामलों में वाहन तक जब्त किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उजियारपुर के ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ पर उठे सवाल, पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कई विरोधाभास! गबन के मामला को बताया लूट! लूट की बाईक बरामदगी पर भी संदेह! एनकाउंटर में गोली लगने की जगह व बगैर प्रेस वार्ता की कार्रवाई भी संदेह को दे रहा बल

उजियारपुर के ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ पर उठे सवाल, पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कई विरोधाभास! गबन के मामला को बताया लूट! लूट की बाईक बरामदगी पर भी संदेह! एनकाउंटर में गोली लगने की जगह व बगैर प्रेस वार्ता की कार्रवाई भी संदेह को दे रहा बल