
समस्तीपुर। सरायरंजन थाना क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई कथित गोलीबारी की घटना में, समाजसेवी मंजयलाल यादव का नाम सामने आने के बाद उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मंजयलाल यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताते हुए, मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, अगर घटना की निष्पक्ष जांच की जाती है तो, घटना की सच्चाई सामने आ जाएगी।
समाजसेवी मंजयलाल यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि, उनकी ईश्वर में गहरी आस्था है। इसी आस्था के कारण वह समय-समय पर अपने कार्यस्थल परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। इन धार्मिक आयोजनों में सरायरंजन प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल होते हैं। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से आसपास के कुछ असामाजिक तत्वों के लोगों को काफी परेशानी होती है, जिसके कारण अक्सर वहलोग कार्यक्रमों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करते रहते हैं। मंजयलाल यादव का यह भी कहना है कि, क्षेत्र में उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण, कुछ लोग उन्हें शराब माफिया बताकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
विरोधियों की साजिश का लगाया आरोप
मंजयलाल यादव ने इस पूरे मामले को अपने विरोधियों की सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि यदि घटना की बारीकी से और निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए तो वास्तविक तथ्य सामने आ जाएंगे। उन्होंने जांच पदाधिकारी से आग्रह किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जाए।
सदर अस्पताल पहुंचकर युवक ने लगाया था आरोप
गौरतलब है कि बीती रात एक युवक अपने कुछ साथियों के साथ समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचा था। युवक ने सरायरंजन प्रखंड के समाजसेवी मंजयलाल यादव और उनके कुछ साथियों पर मारपीट करने तथा गोली मारकर घायल करने का आरोप लगाया था। यह मामला भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई कथित गोलीबारी से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, घटना को लेकर मंजयलाल यादव ने आरोपों से इनकार किया है।
घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
मंजयलाल यादव ने घटना के समय प्रतिमा विसर्जन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी का हवाला देते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि विसर्जन के दौरान गोलीबारी हुई थी, तो घटना के समय मौजूद अन्य लोगों के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कथित रूप से युवक के पैर के अंगूठे में गोली लगने को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
समाजसेवी मंजयलाल यादव ने कानून पर अपना विश्वास जताते हुए कहा कि, उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने संबंधित जांच पदाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
गोली भी निभाता है ईंसानियत! युवक को अपाहिज होने से बचाया! पैर के जगह अंगुठे को किया घायल
आपको बता दें कि, बीते रात को एक युवक अपने कुछ साथियों के साथ सदर अस्पताल समस्तीपुर पहुंच कर, सरायरंजन प्रखंड के समाजसेवी मंजयलाल यादव समेत उनके कुछ साथियों पर मारपीट करने व गोली मारकर घायल कर देने का आरोप लगाया था। अगर इस घटना की बारीकी से जांच की जाए तो, युवक को गोली मारने की कहानी पर से पुरा पर्दा हट जाएगा। क्यों कि, जिस समय की यह घटना बतायी जा रही है, उस समय भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा विसर्जन में सैकड़ों लोग शामिल थे। अगर उस समय गोलीबारी की घटना होती तो, एक ही युवक को गोली कैसे लगती ? उस विसर्जन में शामिल अन्य लोगों को गोली क्यूं नही लगी ? गोली भी कितना समझदार था कि, पुरा शरीर छोड़कर पैर के अंगुठे मे जाकर घुस गया। इससे इतना तो स्पष्ट हो रहा है कि, जिस युवक को कथित तौर पर गोली लगी है, उसे भी इस बात की जानकारी थी कि, अगर गोली उसके पैर पर लगी तो उसका पैर खराब भी हो सकता है। इसलिए संभवतः गोली उसके अंगुठे मे जा लगी। कथित तौर पर गोली लगने से घायल युवक के पैर मे लगने वाली गोली के बारे में जानकर ऐसा लग रहा है कि, गोली ने पुरी स्वामी भक्ति निभाई है, और पुरे पैर को छोर कर अंगुठे को ही निशाना बनाया है, ताकि गोली लगने से घायल युवक को कोई कष्ट न हो। इस मामले में संबंधित जांच पदाधिकारी को चाहिए कि, इस घटना की बारीकी से जांच करे, ताकि इस घटना का पर्दाफाश करते हुए, इस घटना में शामिल सभी साजिशकर्ता को सरकारी घर मे रखने की व्यवस्था की जाए।






