???? बिग ब्रेकिंग: उजियारपुर सांसद नित्यानंद राय से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं का राजद के लोगों से बढ़ रही नजदीकियां क्या घातक साबित होगी ?

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अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके नित्यानंद राय, मंगलवार 23 अप्रैल को अपना नामांकन एक बार फिर उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से ही दाखिल करेंगे। जिसकी सारी तैयारी लगभग पुरी हो चुकी है। लेकिन इस बार उजियारपुर लोकसभा सीट पर नित्यानन्द राय के द्वारा आसानी से कब्जा जमा लेना संभव होता नही दिख रहा है, क्योंकि उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र के स्थानीय कार्यकर्ता, उजियारपुर सांसद नित्यानंद राय से काफी दुखी नजर आ रहे है। यही नही कुछ भाजपा कार्यकर्ता की नजदीकियां तो राजद कार्यकर्ताओं से भी बढ़ने लगी है।

जिसका सीधा नुकसान भाजपा को इस चुनाव में झेलना पड़ सकता। इस मामले में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाम उजागर नही करने की शर्त पर बताया कि, उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके वर्तमान सांसद, नित्यानन्द राय हमेशा से स्थानीय कार्यकर्ताओं की अवहेलना करते आए हैं।

जबकि वह लोग विगत वर्षों में दिन रात मेहनत करके नित्यानन्द राय को 2 बार सांसद बना चुके हैं, लेकिन सांसद बनते ही वह उजियारपुर के स्थानीय कार्यकर्ताओं को भूल जाते हैं, तथा अपने काम में मस्त हो जाते हैं। इस बार तो उन्होंने आज तक उनलोगों को पुछा तक नही नही है। उजियारपुर के चंदन कुमार मिश्रा जो भाजपा के आईटी सेल के जिला संयोजक रह चुके हैं, उजियारपुर सांसद से काफी नाराज हैं। श्री मिश्रा का बताना है कि स्थानीय सांसद के कार्यकाल में वह लोग अपने आप को काफी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। चुनाव के समय तो उनलोगों से संपर्क किया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनलोगों की कोई वैल्यू नही रह जाती है।

चंदन कुमार मिश्रा ने यह भी बताया कि, सोशल मिडिया से जानकारी मिली है कि, उजियारपुर सांसद नित्यानंद राय जी का कल मंगलवार 23 अप्रैल को नामांकन है, लेकिन उनलोगों को इसकी जानकारी तक किसी के द्वारा भी नही दिया गया है। हालांकि इस बीच भाजपा नेता चंदन कुमार मिश्र का कुछ फोटो सामने आया है, जिसमे वह राजद के लोगों के साथ काफी खुश दिखायी दे रहे हैं। जिसको लेकर उजियारपुर में स्थानीय स्तर पर यह अटकलें भी काफी तेज हो गयी है कि, कहीं इस लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा कार्यकर्ता राजद के साथ तो नही जा रही है। हालांकि इस तस्वीर में कितनी सच्चाई है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि, अगर उजियारपुर के स्थानीय कार्यकर्ता को स्थानीय सांसद ने तवज्जो नही दिया तो, भाजपा के हाथों से यह सीट फिसल भी सकती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि, उजियारपुर सांसद अपने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में सफलता हासिल कर पाते हैं या नहीं।

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