
अरविन्द कुमार/अमित कुमार/खानपुर: [समस्तीपुर ] खानपुर थानाध्यक्ष ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, सुंदरम झा हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार बदमाश के पास से एक देशी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस व एक स्मार्टफोन बरामद किया गया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान बेगुसराय जिला के तेघड़ा थाना अंतर्गत गौड़ा गांव स्थित वार्ड 01 निवासी, रंजीत राय के 22 वर्षीय पुत्र अनुराग कुमार राय उर्फ अन्नु सिंह के रूप में की गई है। उक्त जानकारी सदर एसडीपीओ द्वितीय विजय कुमार महतो ने प्रेस वार्ता के दौरान दिया। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वितीय विजय कुमार महतो ने बताया कि, खानपुर थाना क्षेत्र के भोरेजयरामपुर गांव में, बीते दिनों 26/27 जुन की देर रात को अपने दरवाजे पर सो रहे सुंदरम कुमार को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। जिसकी पीएमसीएच पटना में ईलाज के दौरान मौत हो गयी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर के आदेश पर तथा उनके नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया। गठित एसआईटी की टीम ने प्राप्त मानवीय आसुचना व वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर घटना में शामिल बेगुसराय निवासी अपराधकर्मी अनुराग कुमार राय उर्फ अन्नु सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समस्तीपुर द्वितीय विजय कुमार महतो ने, इस हत्याकांड से संबंधित पुरी घटनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि, गिरफ्तार बदमाश अनुराग कुमार राय उर्फ अनु सिंह के फुफेरी बहन की शादी बजलापुर गांव स्थित ललन प्रसाद सिंह के बड़े पुत्र सिद्धार्थ सौरभ से हुई थी। इसी दोस्ती के कारण वह अपनी फुफेरी बहन के घर आता जाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात, अपनी फुफेरी बहन के देवर संदीप सौरव उर्फ बुटल सिंह से हुई। धीरे-धीरे अनुराग कुमार राय तथा संदीप सौरभ की दोस्ती गहरी होती चली गई। जिसके कारण संदीप सौरभ जब भी कोई लूट व छिनतई की घटना को अंजाम देकर आता था तो, वह लुटे गये पैसे अनुराग के साथ मिलकर खुब खर्च किया करता था। जिसके कारण उन दोनों के बीच और भी गहरा संबंध हो गया। इसी बीच संदीप सौरव उर्फ बुटल सिंह ने अनुराग कुमार राय को, मृतक सुंदरम झा के बड़े भाई श्याम कुमार झा से मिलवाया। श्याम कुमार झा व संदीप सौरभ के बीच काफी अच्छे व घरेलू संबंध भी थे। धीरे-धीरे अनुराग कुमार राय की दोस्ती भी श्याम कुमार झा उर्फ छोटू से हो गयी। चुंकी श्याम कुमार झा भी आपराधिक प्रवृत्ति का था, और वह अपने गांव में अपना वर्चस्व जमाना चाहता था। इसी कारण से वह कुख्यात अपराधी संदीप सौरव को अपने घर हमेशा बुलाया करता था, जिसके साथ में अनुराग कुमार राय भी आता-जाता था। श्याम कुमार झा के बड़े भाई रौशन झा की साली भी अपनी बहन के ससुराल अर्थात श्याम कुमार झा के घर पर ही रहती थी। इसी क्रम में श्याम कुमार झा के बड़े भाई रोशन झा के साली से संदीप सौरव की मुलाकात हो गई, और दोनों बराबर एक दूसरे से मिलने लगे। इसी क्रम में उन दोनों के बीच अवैध संबंध भी स्थापित हो गया। जिसकी जानकारी श्याम कुमार झा उर्फ छोटू, रौशन कुमार झा सहित सुंदरम झा को भी हो गयी। उन दोनों का यह रिश्ता मृतक सहित तीनों भाइयों तथा उसकी साली के घरवालों को भी मंजूर नहीं था। जिसके कारण श्याम कुमार झा उर्फ छोटू ने, अपने भाइयों के साथ मिलकर संदीप सौरभ को अपने घर आने से मना कर दिया। हालांकि मना करने के बाबजूद भी संदीप सौरभ जबरदस्ती श्याम कुमार झा के घर उसके बड़े भाई की साली से मिलने चला जाता था। अचानक एक माह बाद संदीप सौरभ ने श्याम कुमार झा के बड़े भाई की साली को घर से भागकर उससे शादी कर लिया। जिससे गुस्साए श्याम कुमार झा उर्फ छोटू के छोटे भाई सुंदरम झा ने संदीप सौरभ के साथ आने वाले बेगूसराय के लड़के अनुराग कुमार राय को, फोन पर गाली गलौज कर दिया। जिसके बाद अनुराग कुमार राय ने सुंदरम झा सहित उसके दो अन्य भाइयों को जान से मारने का सोच बना लिया। उसने अपने इस योजना की जानकारी अपने एक दोस्त बेगूसराय निवासी राहुल को दिया। जब राहूल इस हत्या में उसका साथ देने को तैयार हो गया तो, वह बेगूसराय से दलसिंहसराय अंगारघाट के रास्ते खानपुर जा पहुंचा। जहां उसने अपनी फुफेरी बहन के देवर संदीप सौरभ उर्फ बुटल से एक पिस्टल व गोलियों की मांग की। चुंकि संदीप सौरभ भी मृतक सहित उसके तीनों भाइयों को जान से मारना चाहता था, इसलिए उसने भी पिस्टल व तीन गोलियां अनुराग कुमार राय को दे दिया। जिसके बाद वह बुधवार 26/27 जून की देर रात करीब 12:30 बजे, अपने साथी राहुल के साथ मृतक सुंदरम झा के घर के आसपास जा पहुंचा, तथा सही समय का ईंतजार करने लगा। इसी बीच अचानक बिजली चली गई और उसे मौका मिल गया। अंधेरा होने के बाद अनुराग कुमार राय मृतक के दरवाजे पर जाकर, अपने दरवाजे पर सो रहे, सुंदरम झा सिर में गोली मार दिया और मौके से फरार हो गया। जिसके बाद एसआईटी ने अनुसंधान के क्रम में दोषी पाए गए बदमाश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फरार अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी जारी है। बहुत जल्द उन बदमाशों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वितीय विजय कुमार महतो के नेतृत्व में, अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए की गई इस छापामारी में अंचल पुलिस निरीक्षक सदर समस्तीपुर शिवकुमार यादव, खानपुर थानाध्यक्ष मोहम्मद फहीम, अपर थानाध्यक्ष खानपुर नरेंद्र कुमार, डीआईयु के अमित कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी के भी कार्य काफी सराहनीय रहे।







