अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(उजियारपुर) उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात बीसीएम (प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक) की मौत डेंगू से हो गयी। डेंगु से हुई मौत की सुचना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हरकंप मच गया है।

मृतक की पहचान 40 वर्षिय रामलखन दास के रूप में की गयी है। उनकी मौत बुधवार 04 सितम्बर की रात पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी। उनके आकस्मिक निधन पर गुरुवार 05 सितम्बर को, उजियारपुर सीएचसी का ओपीडी बंद कर उनके शोक में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
इस बाबत पुछे जाने पर सीएचसी प्रभारी डॉ आर के सिंह ने बताया कि, मंगलवार 03 अगस्त को रामलखन दास की तबीयत अचानक अस्पताल परिसर में ही खराब हो गयी थी। जिसके बाद उनकी मेडिकल जांच की गयी। जिसमें उनका सुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ था, साथ ही डेंगू जांच भी पोजेटिव निकला।
जहां सुगर लेवल 500 से अधिक था, वहीं प्लेटलेट्स मात्र 10 था। जिसके बाद उन्हें तुरंत डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया गया, लेकिन मृतक के परिजनों ने उन्हें बेगूसराय के किसी निजी अस्पताल ले ईलाज के लिए भर्ती कराया। जहां बेगुसराय में भी उनकी तबीयत बिगड़ती ही चली गयी।
जिसके बाद उन्हें बेगूसराय से पटना रेफर कर दिया गया। जहां पटना के एक निजि अस्पताल में ईलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। इस दौरान डॉ सिंह ने यह भी बताया कि, रामलखन दास की पत्नी हसनपुर में किसी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। जिसके कारण वह भी रोजाना हसनपुर से ही उजियारपुर ड्यूटी करने आया करते थे।
चूंकि हसनपुर में विगत कुछ दिनों से डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है, आशंका है कि रामलखन को हसनपुर में ही डेंगू मच्छर ने डंक मारा होगा। इधर रामलखन के शरीर मे डेंगू पाए जाने के बाद अस्पताल के सभी कर्मियों की जांच करायी गई है, लेकिन किसी को डेंगू पोजेटिव रिपोर्ट नही आया है। इधर डेंगू से जिला में हुई पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हरकंप मचा हुआ है।








