नसीब लाल झा: (सरायरंजन) समस्तीपुर पटना मुख्य पथ पर स्थित बरूणा पूल की मरम्मत विभाग द्वारा करवा दिया गया। हालांकि स्थानीय समाजसेवी संजीव कुमार विभाग के इस पहल से पुरी तरह संतुष्ट नही दिखे। उनकी मांग थी कि इस पुल निर्माण से जुड़ी सभी समस्याओं का स्थाई समाधान हो, तथा गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठिकेदार व संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई हो।

खबर प्रकाशन के बाद पुल की मरम्मति का सारा श्रेय इलॉक्ट्रोनिक मीडिया तथा प्रिंट मीडिया को देते हुए उन्होेंने बताया कि, काफी दिनों से पुल का कुछ भाग क्षतिग्रस्त था, लेकिन विभाग की नजरें उस पर जा नही रही थी, लेकिन खबर प्रकाशन के 24 घंटा के अंदर पुल की मरम्मती कर दी गयी।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, पुल का मरम्मत किया जाना इसका सही समाधान नहीं है। इसे पुरी तरह से ठीक करने की जरूरत है, क्योंकि बनने के बाद से ही बरूना पुल काफी सुर्खियों में बना रहा है, क्योंकि यह पुल कई जिलों तथा कई एनएच/एसएच को राजधानी से जोड़ता है। यही नही, इस सड़क की सबसे खास बात यह है कि, इस सड़क से होकर कई बड़े बड़े नेता, मंत्री,अधिकारियों तथा पदाधिकारियों का काफिला गुजरता ही रहता है।
वाबजूद इस पुल की दयनीय स्थिति पर किसी की नज़र नहीं पड़ती है। हालांकि जब कभी भी सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया की नज़र पड़ती है, उसके बाद ही इसकी मरम्मत की जाती है।
आपको बता दें कि इस पुल के निर्माण हुए करीब 5 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इस पुल का उद्घाटन भी नही हुआ है, जबकि यह पुल 2019 में बनकर तैयार हो गया था, इसमें भी सबसे मजेदार बात यह है कि, इन 5 सालों में 2 बार इस पुल का मरम्मत हो चुका है।
इस संबंध में स्थानीय नवल किशोर राय का बताना हैं कि, बार बार मरम्मत होने से यह पुल और भी कमजोर हो रहा है। अहमदपुर निवासी अमरनाथ शर्मा का कहना है कि, एनएच को बार बार रिपेयर करना बिलकुल गलत है। इससे साबित होता है कि यह पुल बनने के समय ही भ्रष्टाचार का शिकार हो चुका है।
जिसकी जानकारी मिलने के बाद भी प्रशासन इसका स्थायी समाधान नही निकाल पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि, कहीं विभाग किसी बड़े हादसे का ईंतजार तो नही कर रही है ?
स्थानीय कमल किशोर राय ने बताया कि, पूल के दोनों ओर जल निकासी के लिए चैनल बनाया गया था जो जाम हो गया है। जिसके कारण पूल पर पानी जमा हो जाता है, क्यों कि पुल निर्माण के समय जल निकासी के लिए लेवलिंग भी सही ढंग से नहीं किया गया था। जिसके कारण पानी की निकासी नही हो पा रही है।
वहीं संतोष राय ने बताया की पुल की मरम्मति हो जाने से सड़कें और भी खतरनाक हो गयी है। अगर इसके सतह को उखाड़कर फिर से नहीं बनाया जाता है तो, खतरा आगे भी बढ़ सकती है।







