साईबर थाने की पुलिस की तत्परता से डिजिटल अरेस्ट का प्रयास हुआ नाकाम

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समस्तीपुर। जिले के चकमेहसी थाना क्षेत्र अंतर्गत मालीनगर निवासी मनोरंजन त्रिवेदी को साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाने की कोशिश की गई। अज्ञात अपराधियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को TRAI और ED अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का भय दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से दबाव में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने मनोरंजन त्रिवेदी को वीडियो कॉल पर रखकर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा और उनसे वित्तीय लेन-देन कराने का प्रयास किया। इसी दौरान मामले की सूचना साइबर थाना, समस्तीपुर को मिली।

सूचना मिलते ही साइबर थाना और चकमेहसी थाना की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहां पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि मनोरंजन त्रिवेदी घबराए हुए अवस्था में वीडियो कॉल पर थे। पुलिस ने तुरंत उनका मोबाइल डिस्कनेक्ट कराया और किसी भी प्रकार के पैसे के लेन-देन को रोक दिया।

इसके बाद पुलिस ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट के जाल से मुक्त कराया और पूरी तरह से काउंसलिंग कर जागरूक किया।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया भारत में नहीं है। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर इस तरह का दबाव बनाता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और नजदीकी थाना या साइबर थाना में सूचना दें। साथ ही, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा साइबर ठगी का मामला टल गया और एक व्यक्ति को आर्थिक नुकसान से बचा लिया गया।

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