???? बिग ब्रेकिंग: मोदी-नीतीश सरकार के द्वारा लायी गयी यह स्मार्ट मीटर गरीबों को लूटने की नयी निति है: आनंद माधव

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अरविन्द कुमार/अमित कुमार:( समस्तीपुर) जिले के सर्किट हाउस में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं रिसर्च विभाग के चेयरमैन आनंद माधव ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजन किया। आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, स्मार्ट मीटर के पार्टनर और आपूर्तिकर्ता मिलजुल कर सरकार की सहभागिता से बिहार की भोली-भाली जनता को लूट रहें है।

बिहार में लगभग दो करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें 8 फीसदी अर्थात 16 लाख कॉमर्शियल कंज्यूमर हैं, जबकि 92 फीसदी अर्थात 1 करोड़ 84 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। पहले से चली आ रही व्यवस्था के अंतर्गत लगभग 90-95 प्रतिशत उपभोक्ता पूरी ईमानदारी से बिजली बिलों का भुगतान करते रहे हैं। जो 5-10 प्रतिशत बिजली की चोरी होती थी वह सरकार के मिलीभगत से होती रही है।


श्री माधव ने यह भी बताया कि लोगों की आम शिकायत रही है कि, स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल ज्यादा आने लगा है। रिचार्ज कब खत्म हो जाता है पता ही नहीं चलता है। बिना पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है। किसी को कुछ नहीं पता कि उनके बिजली का बिल पहले जो 700-800 या 1000 रूपये आते थे, वह अचानक से दो से पांच गुना तक कैसे बढ़ जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी के हेल्प लाइन नंबर 1912 पर रोजाना औसतन 35,000 शिकायतें आती है, जिनमें लगभग 12,000 शिकायतें पैसा अधिक कटने, मीटर तेज होने, बैलेंस गायब होने आदि का होता है। इस नई व्यवस्था में सबकुछ स्वचालित एवं केंद्रीकृत है जिसका नियंत्रण स्मार्ट मीटर आपूर्तिकर्ता या बिजली कम्पनी के पास रहता है। उपभोक्ताओं की परेशानी से किसी को कोई मतलब नहीं है।

इस दौरान श्री माधव ने यह भी बताया कि, बिहार में स्मार्ट मीटर आपूर्ति करने वाली कंपनियों को अब तक 31 अरब रुपये का ठेका दिया गया है। इन परियोजना के लिए भी जिन कंपनियों को ठेका दिया गया है, उनके नाम हाई प्रिंट, एनसीसी, अदानी पावर, सिक्योर मीटर्स लिमिटेड और इइएसएल शामिल हैं। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ये कम्पनियाँ अडानी ग्रूप से ही संबंधित हैं।

सरकार द्वारा जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वह सख्ती से अपने अपने जिलों में स्मार्ट मीटर लगवानें मे बिजली कंपनियों कि मदद करें जो कि यह एक तुगलकी फरमान है। पुरानी व्यवस्था में बिल कलेक्टर के रूप में ठेके पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलता था। वह गॉंव में घर-घर घूम कर बिजली मीटर की रीडिंग करते एवं बिल इक्कठा करते थे।

जैसे -जैसे स्मार्ट मीटर लग रहा वह लोग बेरोजगार होते जा रहे। क्या सरकार ने इनके लिये कुछ वैकल्पिक व्यवस्था सोचा है? स्मार्ट मीटर एक बडा घोटाला है जिसमें संजीव हंस एवं गुलाब यादव के साथ ऊपर के कई लोग शामिल है। सुविधायें जनता के लिये होती है ना कि सुविधाओं के लिये जनता। लोग परेशान हैं, उनके पैसे ज्यादा खर्च हो रहे। हमेशा यह दिल में भय बना रहता कि कब बिजली चली जायेगी।

स्मार्ट मीटर आम जनता के लिये परेशानियों का सबब बना हुआ है। इस दौरान समस्तीपुर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मोहम्मद अबू तमीम ने कहा कि जनता मोदी-नीतीश की सरकार में मंहगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। उपर से यह स्मार्ट मीटर के माध्यम से लोगों को लूटने में लगी हुई है।

जनता इसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं करने वाली है। मौके पर जिला कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष देवेन्द्र नारायण झा, विजय शंकर शर्मा, महासचिव मुकेश कुमार चौधरी, महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष देविता कुमारी गुप्ता, बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव मोहम्मद मोहिउद्दीन आदि शामिल थे।

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