अरविन्द कुमार:( समस्तीपुर) मंडल रेल प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने, भगवान बिरसा मुंडा के जयंती समारोह सप्ताह को काफी धूमधाम के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने भगवान बिरसा मुंडा के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान मौके पर मौजूद डीआरएम समस्तीपुर विनय श्रीवास्तव ने बताया कि, शहीद भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी जान की कुर्बानी देकर आदिवासी समुदाय के लोगों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया था। जिसके कारण आदिवासी समुदाय के लोग उन्हें भगवान की तरह दर्जा देते हैं, तथा उनका जयंती समारोह भी बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।

मंडल रेल प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि, बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को वर्तमान के झारखंड राज्य के खूंटी जिले के उलिहातू गांव में हुआ था। वह एक आदिवासी नेता थे। जिन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने अपने समुदाय के लोगों को संगठित किया और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया।
इस दिन को हम शहीद बिरसा मुंडा की वीरता और बलिदान के लिए हम याद करते हैं, और उनके द्वारा किए गए कार्यों को सलाम करते हैं। हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लोग उन्हें “धरती आबा” बिरसा मुंडा के नाम से भी याद करते हैं।
इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि, “शहीद बिरसा मुंडा की वीरता और बलिदान हमें प्रेरित करते हैं कि हम अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहें। हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”







