SAMASTIPUR: जमीनी विवाद में हुई मारपीट की घटना में घायल युवक की ईलाज के दौरान मौत! आक्रोशित लोगों ने शव के साथ एनएच-28 को किया जाम

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समस्तीपुर। जिले के दलसिंहसराय थाना अंतर्गत पगड़ा गांव में, जमीनी विवाद में हुई मारपीट की घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद घटना से नाराज मृतक के परिजन व स्थानीय ग्रामीणों ने, मृत युवक के शव के साथ एनएच- 28 को जाम कर दिया।

उधर सड़क जाम की सुचना मिलने के बाद स्थानीय दलसिंहसराय थाने की पुलिस जाम स्थल पर पहुंच आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया, तथा मृत युवक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया।

मृत युवक की पहचान दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के पगड़ा गांव निवासी, अरूण राय के 25 वर्षिय पुत्र मणिकांत राय के रूप में की गयी है। घटना के बाद से आरोपित पक्ष सपरिवार घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है।

मृतक मणिकांत राय की शादी भी कुछ दिन पहले ही हुई थी। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक का अपने ग्रामीण के साथ बीते दिनों गुरुवार 17 अप्रैल की देर शाम से ही जीवन के एक छोटे से टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा था। देखते ही देखते विवाद इतना गहरा गया कि दोनों पक्षों में मारपीट की घटना हो गयी।

जिसमें मृतक मणिकांत राय के सिर में गहरी चोट आ गयी। जिसके बाद उसे अनुमंडलीय अस्पताल दलसिंहसराय में भर्ती कराया गया। जहां से उसे बेहतर ईलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया। हालांकि मृतक के परिजन उसे ईलाज के लिए जिला के एक निजि क्लिनिक में भरूती कराया।

जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। जिसके बाद मृतक के परिजनों ने उक्त युवक के शव को एनएच-28 पर रखकर जाम कर दिया। सड़क जाम कर लोगों में शामिल मृतक मणिकांत राय के पिता का बताना था कि, उसने इस घटना से संबंधित कई बार सुचना उसने स्थानीय थाने की पुलिस को दिया था, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नही किया।

जिसके कारण यह घटना हो गयी। एनएच-28 जाम रहने के कारण करीब 4 घंटों तक बेगुसराय मुजफ्फरपुर मार्ग पर यातायात बाधित रहा।  आपको बता दें कि, भूमि विवाद से जुड़े मामलों में अक्सर पुलिस की सुस्ती दिखाई दे जाती है।

जबकि पुलिस सुत्रों का ही बताना है कि, ज्यादातर हत्याएं भूमि विवाद के कारण ही हो रही है। बाबजूद इस तरह की घटना सामने आने पर पुलिस इसे गंभीरतापूर्वक नही लेती है। जिसका नतीजा है कि, भूमि विवाद से जुड़े मामलों में हत्याओं का दौर चलता ही रहता है।

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