???? बिग ब्रेकिंग: साईबर फ्रॉड करने वाले के लिए काल साबित हो रहे Cyber Dsp दुर्गेश दीपक! साईबर फ्रॉड के शिकार दर्जनों लोगों के पैसे करा चुके हैं वापस

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समस्तीपुर। समस्तीपुर जिला वासियों के साथ फ्रॉडगिरी करने बाले साईबर अपराधी हो जाएं सावधान। अब जिला के साईबर थाना में आने वाले आवेदन ठंडे बस्ते में नही जाते हैं, बल्कि समस्तीपुर के भोले भाले लोगों के साथ साईबर अपराध करने वाले साईबर अपराधियों के गले की फांस बन जाती है वह आवेदन। जी हां। यह कोई फिल्मी डायलॉग नही है। यह बात बिलकुल सत्य है।

विगत कुछ माह में साईबर एसडीपीओ दुर्गेश दीपक ने साईबर अपराधियों को उसके घुटनों पर ला दिया है। विगत कुछ माह में साईबर एसडीपीओ दुर्गेश दीपक ने, दर्जनों साईबर ठगी के मामलों का सफलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए, उनके असली मालिक के बैंक खातों में लाखों रूप्ये ट्रांसफर करवाए हैं।

पहले जहां लोग साईबर थाना पर आवेदन देने जाने से भी हिचकिचाते थे, तथा डरते थे। आज बेहिचक अकेले साईबर थाना जाकर आवेदन भी देते हैं, तथा उनके आवेदन पर सम्मानजनक कार्रवाई भी होती है। ताजा मामला मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के महमदीपुर गांव का है।

जहां महमदीपुर गांव निवासी, मोहम्मद इरफान के पुत्र मोहम्मद नुरूउद्दीन ने, 06 अक्टूबर 2024 को (National Cyber Crime Helpline Number 1930) पर यह जानकारी उपलब्ध कराया कि, विदेश (मलेशिया) भेजने के नाम पर उनसे 362000 (तीन लाख बासठ हजार) की ठगी कर ली गयी है।

जिसके बाद विभाग से प्राप्त शिकायत संख्या- 30507240028629 व 30510240046290 के आधार पर, समस्तीपुर साईबर थाना में साईबर थाना कांड संख्या-69/2024 दर्ज किया गया। जिसके बाद साईबर थाना के द्वारा, न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय समस्तीपुर से आदेश प्राप्त कर, साईबर अपराध के शिकार हुए व्यक्ति मोहम्मद नुरूउद्दीन के बैंक खाते में एक मुश्त 1 लाख 82 हजार 96 रूपए वापस दिलाया गया।

इस दौरान साईबर एसडीपीओ दुर्गेश दीपक ने समस्तीपुर के आमजन से इस तरह के साईबर बदमाशों से सावधान रहने की अपील की, तथा यह भी बताया कि, सावधानी बरतने के बाद भी अगर आपके साथ किसी तरह की साईबर फ्रॉड हो जाती है तो, आप तुरंत National Cyber Crime Helpline के Tollfree Number (1930) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे आपकी संपूर्ण राशि रिफंड होने की उम्मीद कुछ हद तक बढ़ जाती है।

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