समस्तीपुर। जिले के दलसिंहसराय थाना में फर्जी चौकीदारों की बाढ़ सी आ गयी। दलसिंहसराय थाना से लेकर दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा के कार्यालय पर होने वाले प्रेस वार्ता तक में खाकी वर्दी में फर्जी चौकीदार शामिल रहते हैं।

ऐसा नही है कि, दलसिंहसराय थानाध्यक्ष को इस बात की जानकारी नही है। उन्हें हर एक मामले की जानकारी होती है, लेकिन वह इस तरह के मामलों पर चुप्पी साधे रहते हैं। जिसका नतीजा है कि दलसिंहसराय थाना का कामकाज खाकी वर्दी में फर्जी चौकीदार तो करते ही, थाना का वाहन भी चलाते हैं। यही नही!

दलसिंहसराय के फर्जी चौकीदार थाना द्वारा गिरफ्तार किए गए, मुजरिम को उसके हाथों में हथकड़ी पहनाकर अपने साथ लेकर, बेरोकटोक डीएसपी ऑफिस दलसिंहसराय तक चले जाते हैं। इससे संबंधित सामने दिखाई दे रहे इस तस्वीर में दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा के साथ, दलसिंहसराय थाना की पुर्व अपर थानाध्यक्ष पुष्पलता कुमारी व थानाध्यक्ष इरशाद आलम भी मौजूद हैं।

यह तस्वीर करीब 4 माह पहले एसडीपीओ दलसिंहसराय के कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के समय का है। जिस तस्वीर में दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा के पीछे, गिरफ्तार व्यक्ति के साथ खाकी वर्दी पहनकर खड़ा युवक कोई और नही बल्कि दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के रामपुर जलालपुर गांव निवासी, सुनील पासवान है।

वहीं दलसिंहसराय थाना परिसर की साफ सफाई में लगा वर्दीधारी युवक भी फर्जी चौकीदार सुनील कुमार ही है। वहीं दुसरी तस्वीर में अपने मुंछ पर ताव देते दिखाई दे रहा युवक राजीव कुमार बताया जा रहा है, जो खाकी वर्दी पहनकर थाना परिसर मे ही मौजूद है। वहीं एक अन्य तस्वीर में पुलिस गाड़ी के पीछे दिख रहा युवक नितिश कुमार बताया जा रहा है।

सुत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार नितिश कुमार दलसिंहसराय थाना के सरकारी वाहन का चालक है। सुत्रों का यह भी बताना है कि, नितिश कुमार नाम का यह युवक अपने गांव कोनैला में स्थानीय ग्रामीणों और भूमाफियाओं को खाकी वर्दी का धौंस दिखाकर, अभी तक लाखों रूपए का कमीशन मिट्टी काटकर बेचवाने मामले में इकट्ठा कर चुका है।
जब जानकारी जुटाई गयी तो पता चला कि, नितिश कुमार कोनैला गांव के चौकीदार योगेन्द्र राय का पोता बताया जा रहा है। सुत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के कोनैला गांव निवासी, चौकीदार योगेन्द्र राय, विगत 05 वर्ष पहले लकवाग्रस्त हो गए थे। जिसके कारण हाथ पैर के साथ साथ उनके शरीर का कोई भी बाहरी अंग काम नही कर रहा है।
जिसकी वजह से वह अपने बिछावन पर ही पड़े रहते हैं, और उनका पोता उनकी जगह पुलिस की वर्दी पहनकर काम करता है, हालांकि इस तस्वीर में उसने वर्दी नही पहना है। वहीं दुसरा युवक सुनील कुमार पासवान दलसिंहसराय थाना के रामपुर जलालपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
सुनील कुमार पासवान अपने पिता अनिल कुमार पासवान की जगह खाकी वर्दी पहनकर थाने की ड्यूटी बजाता है। वहीं दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के पगरा गांव के चौकीदार लूटन पासवान पुरी तरह स्वस्थ हैं, बाबजूद उनकी जगह उनका बेटा राजीव पासवान पुलिस की वर्दी में अक्सर ड्यूटी करते देखा जा सकता है।
अब सवाल यह उत्पन्न होता है कि, पिता के स्थान पर बेटे को ड्यूटी करने के लिए पुलिस मुख्यालय का कोई आदेश है! या इस तरह के ड्यूटी करने का आदेश दलसिंहसराय के किसी वरीय पदाधिकारी के द्वारा चौकीदार व चौकीदार पुत्र के लिए निर्गत किया गया है। यह तो जांच का विषय है, लेकिन ईतना तो तय है कि, दलसिंहसराय थाना में फर्जी चौकीदारों की भरमार है, लेकिन किसी भी पदाधिकारी के द्वारा इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नही किया जाना, उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है।
हालांकि इस मामले में सबसे बड़ी अजीब बात तो यह है कि, एसडीपीओ दलसिंहसराय विवेक कुमार शर्मा के कार्यालय में होने वाले प्रेस वार्ता में उक्त फर्जी चौकीदार सुनील कुमार पासवान, अपराधी के हाथों में हथकड़ी लगाए पहुंच गया, लेकिन एसडीपीओ दलसिंहसराय को इसकी भनक तक नही लगी। कहीं ऐसा तो नही है कि, सबकुछ जानते हुए भी एसडीपीओ ने उक्त चौकीदार को इस प्रेस वार्ता में शामिल होने से मना नही किया।
अगर उक्त फर्जी चौकीदारों के तरह कोई आम आदमी दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में पुलिस की वर्दी में कहीं दिख जाए, तो क्या दलसिंहसराय की पुलिस प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी या नही ? अगर आदमी के खिलाफ वर्दी पहनने के आरोप में कार्रवाई हो सकती है तो, उपरोक्त चौकीदार के बेटा व पोता पर अभी तक कार्रवाई क्यों नही हुई ?
जबकि यह सारा मामला दलसिंहसराय पुलिस के खुद के कार्यालय व एसडीपीओ दलसिंहसराय विवेक कुमार शर्मा के कार्यालय का है, कहीं और का नही। वहीं इस संबंध में दलसिंहसराय पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष दलसिंहसराय का बताना है कि, मामले की जांच करते हैं देखते हैं क्या बात है।








