???? बिग ब्रेकिंग: मुसरीघरारी चौराहा पर तीन घंटा तक लगा रहा महाजाम। चौराहा की ओर जाने वाली सभी मार्गों पर 01 से 03 किमी॰ तक वाहनों की लगी रही कतारें

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सरायरंजन। बिहार की आवाज। नसीब लाल झा।

समस्तीपुर। जिले का मुसरीघरारी चौराहा विगत एक सप्ताह से, स्थानीय पुलिस प्रशासन व वाहन चालकों के मनमानी के कारण महाजाम स्थल बन चुका है। विगत करीब एक सप्ताह से, मुसरीघरारी चौराहा से गुजरने वाले सभी रास्तों में 01 से 03 किलोमीटर तक में दोपहिया व चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है, लेकिन इस परेशानी को दुर करने की दिशा में ना तो जिला प्रशासन ही कोई ठोस कदम उठाती है, और ना ही स्थानीय मुसरीघरारी पुलिस ही इस दिशा में कोई सार्थक पहल कर पाती है।

जिसका नतीजा है कि, सप्ताह के सातों दिन, दोपहर के 1 बजे से शाम के 7 बजे तक में, मुसरीघरारी चौराहा पर महाजाम लगना यहां की दिनचर्या बन गयी है। जाम लगने से इस जाम में फसें लोग घंटो परेशान रहते हैं। मुसरीघरारी चौराहा पर जाम लगने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को झेलनी पड़ती है, जो गंभीर रूप से बीमार लोगों को ईलाज के लिए एंबुलेंस से पटना ले जा रहे होते हैं।

दरअसल मुसरीघरारी चौराहा पर रोजाना लगने वाले इस महाजाम का मुख्य कारक, चौराहा पर अवैध रूप से बीच सड़क पर ऑटो व ई रिक्शा को खड़ा करने वाले लोग होते हैं। बीच सड़क पर ऑटो व ई रिक्शा खड़ा कर देने के कारण दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना व बेगुसराय की ओर से आनेवाली गाड़ियों को चौराहा पार करने में घंटों समय लग जाता है, और उसके पीछे से आने वाली सभी वाहन क्रमबद्ध हो जाती है।

जिसके कारण रोजाना मुसरीघरारी चौराहा पर 01 से 03 किलोमीटर तक की लंबी लाईन लग जाती है। जाम कुछ इस तरह लगती है कि, पैदल यात्रियों को भी चौराहा पार करने में घंटों समय लग जाता है। मुसरीघरारी चौराहा पर इस महाजाम में फंसे लोगों का बताना था कि, यह चौराहा इस ईलाके का सबसे व्यस्तम चौराहों में से एक है।

वाबजूद ट्रैफिक विभाग के द्वारा इस चौराहे पर यातायात नियंत्रण के उद्देश्य से कोई व्यवस्था नही की गयी है, और ना ही स्थानीय पुलिस कर्मी ही मौके पर मौजूद रहते हैं। जिसके कारण इस चौराहे पर अक्सर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी देखी जाती है। जिसके कारण सोमवार 24 नवम्बर की दोपहर 12 बजे से शाम के 7 बजे तक भी, इस जाम में ट्रैक्टर, ई-रिक्शा, कार, एंबुलेंस और बाइक सहित, विभिन्न प्रकार के वाहन फंसे रहे।

स्कूल से लौटकर घर जाने वाले बच्चों का स्कूल भान, नौकरीपेशा लोग और मरीजों को ईलाज के लिए ले जा रहे परिजन भी घंटों तक इस महाजाम में फंसे रहे। राहगीरों का बताना है कि, कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी, मुसरीघरारी चौराहे पर ना तो स्थायी रूप से ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था की गई है, और ना ही मुसरीघरारी चौराहे पर अवैध रूप से बने ऑटो स्टैंड व ई रिक्शा स्टैंड को ही हटाया जा रहा है। राहगीरों का यह भी कहना था कि, अगर मुसरीघरारी चौराहा पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित रूप से तैनाती कर दी जाए तो, रोजाना लगने वाले इस महाजाम से राहगीरों को निश्चित रूप से निजात मिल सकती है।

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