समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में
भाकपा माले के द्वारा अरावली बचाओ – हिमालय बचाओ। पर्यावरण बचाओ – भारत बचाओ के नारे के साथ, प्रखंड कार्यालय स्थित सभी सड़कों पर, केन्द्र की एनडीए सरकार की पर्यावरण विरोधी नीतियों जल, जंगल, जमीन और अब पर्वत श्रृंखलाओ पर भी पूंजीपतियों के कब्जा दिलाने के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

आयोजित इस प्रतिरोध मार्च में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य महावीर पोद्दार ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रेलवे, हवाई अड्डा, कल कारखाने, बैंक, बीमा, एलआईसी, जमीन आदि अपने पूंजीपति दोस्तो अडानी और अंबानी के हाथों बेचने के बाद, अब गुजरात, राजस्थान और दिल्ली स्थित अरावली पर्वत श्रृंखला को भी बेच दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह अरावली पर्वत श्रृंखला को अडानी के हाथों बेचकर मोदी सरकार न सिर्फ आपदाओं को आमंत्रित कर रही है, बल्कि भारत के भविष्य के सामने विनाशकारी नीतियों का गवाह भी बन गया है।
भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य फूलबाबू सिंह ने कहा कि, मोदी सरकार ने दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला अरावली पर्वतमाला को अडानी के हाथों बेचकर, भारत के जन जीवन पर गहरा संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि अरावली का 90% हिस्सा पर खनन माफिया ने कब्जा कर लिया है।
जिसके कारण यह खतरा सिर्फ अरावली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश भर में फैल रही लूट, दोहन और पर्यावरणीय विनाश की बड़ी साज़िश का हिस्सा भी है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि, खाद्यान्न माफिया द्वारा कालाबाजारी करने, एजीएम एवं बीसीओ की बर्खास्तगी सहित अन्य मांगों को लेकर, भाकपा माले का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आज तीसरे दिन भी जारी रहा।
मौके पर तनंजय प्रकाश, दिलीप कुमार राय, मोहम्मद उस्मान, विजय राम, मोहम्मद फरमान, रुबी देवी, रोहित कुमार, फूलपरी देवी, मोहम्मद कमालूद्दीन, गुलशन आरा, मोहम्मद शकुर, भीम सहनी, गीता देवी, अशोक राय, सुशील कुमार सावन, मधुकर कुमार, निर्धन शर्मा, गनौर सहनी, प्रवीण कुमार, शिव जी राम सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।







