वैशाली/समस्तीपुर: गांधी सेतु पर कार में मिले अज्ञात युवक के शव मामले का वैशाली पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए, घटना में शामिल एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वैशाली के निर्देश पर गठित विशेष टीम के द्वारा की गई है।

उक्त जानकारी एसडीपीओ सदर 01 हाजीपुर सुबोध कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को दिया। प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए, एसडीपीओ सदर 01 सुबोध कुमार ने बताया कि, 19 फरवरी को गंगाब्रिज थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी सेतु पिलर संख्या-01 के पास खड़ी, एक सफेद ऑल्टो कार से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। इस मामले में गंगाब्रिज थाना कांड संख्या 40/26 दर्ज करते हुए, इस मामले की जांच शुरू कर दी गयी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वैशाली के निर्देश पर, व उनके नेतृत्व में गंगाब्रिज थानाध्यक्ष तथा जिला आसूचना इकाई की टीम को मिलाकर एक टीम गठित की गई, तथा घटना में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गयी। जांच के क्रम में पता चला कि, कार से जो सिम कार्ड बरामद की गयी थी, वह सिम कार्ड मृतक का था। जिसके आधार पर मृतक की पहचान, जहानाबाद जिला के हुलासगंज निवासी, मुरारी शर्मा के पुत्र भानु कुमार के रूप में की गयी। जब मृतक के पैतृक थाना से संपर्क किया गया तो, सुचना मिली कि, मृतक के खिलाफ पुर्व से ही तीन आपराधिक मामले दर्ज थे।
जांच के क्रम मे ही तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि, मृतक 16 फरवरी की शाम पटना से समस्तीपुर गया था। इसी आधार पर जांच टीम ने जहानाबाद जिला के हुलासगंज थाना अंतर्गत मुसहौली गांव निवासी, संदिग्ध राजकिशोर पासवान के पुत्र अभिषेक कुमार उठाया, तथा उसे हिरासत में लेकर जब उससे पूछताछ की गयी तो पता चला कि, अभिषेक कुमार तथा भानू कुमार 16 फरवरी समस्तीपुर गया था। जहां वह सभी अपने पांच अन्य साथी के साथ मिलकर, समस्तीपुर के ही एक व्यक्ति की हत्या करने वाले थे।
जिसके एवज में उनलोगों को 10 लाख रुपये की सुपारी भी दी गई थी। योजनानुसार वह सभी लोग एक चार पहिया वाहन तथा एक मोटरसाइकिल से नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर मुहल्ला पहुंचे, तथा हत्या के उद्देश्य से फायरिंग करने लगे। इसी दौरान जिसकी वहलोग हत्या करने पहुंचे थे, उस ओर से भी गोलीबारी की घटना शुरू हो गयी।
जिसमें भानु कुमार समेत उनके दो साथियों को गोली लग गयी, और दोनों घायल हो गए। जिसके बाद वहलोग अपने घायल साथी को लेकर भागते हुए महुआ के रास्ते पटना पहुंचे। जहां भानु कुमार को ईलाज के लिए पटना के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने भानु कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके एक अन्य घायल साथी को इलाज के बाद अगले दिन छुट्टी दे दी गई।
जिसके बाद वहलोग भानु कुमार के शव को ठिकाने लगाने के लिए, दियारा क्षेत्र ले जा रहे थे। इसी दौरान गंगाब्रिज थाना की गश्ती टीम को देखकर वहलोग घबरा गए। जिसके कारण उनलोगों ने गांधी सेतु के पिलर संख्या-01 के पास, कार में ही भानू कुमार के शव को छोड़ दिए तथा मृतक का मोबाइल लेकर मौके से भाग निकले।
हालांकि जल्दबाजी में मृतक का सिम कार्ड कार में ही गिर गया, जिसके आधार पर पुलिस ने शव की पहचान कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस दौरान सदर एसडीपीओ-01 हाजीपुर ने यह भी बताया कि, इस घटना में शामिल अन्य सभी आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है। बहूत जल्द सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।







