907 दलित परिवारों को बसाने की मांग पर माले का प्रदर्शन, समाहरणालय पर अनिश्चितकालीन घेरा-डेरा आंदोलन शुरू

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समस्तीपुर/हसनपुर: हसनपुर प्रखंड के मंगलगढ़ (सुंदरैयानगर) से उजाड़े गये 907 दलित परिवारों को पर्चा देकर पुनः बसाने सहित जिले के सभी भूमिहीनों को वासभूमि और आवास उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शहर में विशाल जुलूस निकालकर समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।

मालगोदाम चौक से निकला जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी (DM) के समक्ष अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। बुलडोजर कार्रवाई से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आग्रह पर कार्यकर्ताओं का जत्था समाहरणालय के सामने स्थित सरकारी बस स्टैंड में अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन पर बैठ गया।

इस दौरान आयोजित सभा की अध्यक्षता भाकपा माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार ने की, जबकि संचालन खेग्रामस के जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय ने किया। सभा को भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य ललन कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अमित कुमार, दिनेश कुमार, महावीर पोद्दार, फूलबाबू सिंह, जिला कमिटी सदस्य महेश कुमार, जयंत कुमार, अनील चौधरी, रौशन कुमार, खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, तनंजय प्रकाश, रामलाल राम, कैलाश पासवान, विनय पासवान, राहुल कुमार, अर्जुन दास, अमेरिका यादव, अर्जुन कुमार, रमेश महतो, रामबाबू सदा, कमली देवी, शांति देवी, आशा देवी, सुदामा देवी, मो. आले, मुन्ना दास, युगेश्वर सहनी, नेपल सहनी, मनर दास, बैजनाथ सदा, दिलबहार सहनी और पाचू राम समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार और खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान ने कहा कि हसनपुर के मंगलगढ़ (सुंदरैयानगर) में वर्ष 1992 से करीब एक हजार परिवार सरकारी जमीन पर बसे हुए थे। इन परिवारों के नाम मतदाता सूची में दर्ज थे और उन्हें राशन कार्ड, बिजली, पानी सहित अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिल रही थीं। इसके बावजूद साजिश के तहत पुलिस और सामंती गुंडों के गठजोड़ ने उन्हें उजाड़ दिया।

नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले के कई प्रखंडों में सरकारी जमीन पर बसे दलितों और गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, जबकि भूमिहीनों को वासभूमि और आवास देने का सरकारी प्रावधान मौजूद है। इसके बावजूद उन्हें न तो जमीन दी जा रही है और न ही आवास। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर पुश्तैनी रूप से बसे परिवारों को पर्चा नहीं मिलने के कारण कई लोगों को आवास योजना की राशि भी लौटानी पड़ रही है।

नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सुंदरैयानगर के उजाड़े गये 907 परिवारों को पर्चा देकर बसाने, जिले के सभी भूमिहीनों को वासभूमि और आवास देने तथा सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को पर्चा देने का प्रशासनिक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक समाहरणालय के सामने अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन जारी रहेगा।

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