समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत हरपुर रेवाड़ी पंचायत में, शुक्रवार 01 मई को भाकपा माले उजियारपुर प्रखंड कमिटी के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार, श्रम कानूनों और वर्तमान मजदूरों की परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।

समारोह को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य महावीर पोद्दार ने कहा कि, आज से 137 वर्ष पूर्व 1 मई 1889 को अमेरिका के शिकागो शहर में, मजदूरों ने “आठ घंटे काम, आठ घंटे आराम और आठ घंटे मनोरंजन” की मांग को लेकर आंदोलन किया था। उन्होंने बताया कि, प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर पुलिस और कारखाना मालिकों के गुंडों द्वारा हमला किया गया, जिसमें कई मजदूर शहीद हुए और सैकड़ों घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि इसी संघर्ष से लाल झंडे का जन्म हुआ और बाद में पूरी दुनिया में मजदूर आंदोलन तेज हुआ, जिसके बाद आठ घंटे कार्य दिवस को कानूनी मान्यता मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूर विरोधी चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं। जिससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, अब मजदूरों से 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है।
वहीं प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान ने कहा कि, कॉरपोरेटपरस्त नीतियों और बढ़ते मशीनीकरण के कारण, मजदूरों के सामने बेरोजगारी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को बेहद कम वेतन पर काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पुराने लेबर एक्ट व्यवस्था लागू करने और मजदूरों को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन एवं भत्ता देने की मांग की।
कार्यक्रम को समीम मंसूरी, धनंजय प्रकाश, मो. फरमान, मो. रहुफ, निर्धन शर्मा, अनिशा खातून, रिंकू देवी, फातिमा खातून, नाजो बेगम, शैरूल खातून और सुलेखा देवी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।








