अमित कुमार/समस्तीपुर: जिला मुख्यालय स्थित समस्तीपुर स्टेशन चौक के गांधी स्मारक स्थल से, संयुक्त किसान मोर्चा एवं संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर, मोदी सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में, राष्ट्रव्यापी भारत बंद व आम हड़ताल की घोषणा के परिपेक्ष्य में, किसान मजदूरों के द्वारा संयुक्त जुलूस निकाली गई, जो गगनभेदी नारे के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए, समस्तीपुर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा। जहां धरना में शामिल लोगों ने किसानों का कर्ज माफ करने, फसलों का समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने, चार संशोधित विधेयक को वापस लेने, संशोधित बिजली विधेयक रद्द करने, किसानों के हत्यारा भाजपा नेता केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने, आदि मांगों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए, बिहार राज्य किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष, सह विभूतिपुर विधायक अजय कुमार ने कहा कि, मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने पर तुली हुई है। जिसके परिणाम स्वरुप किसान और मजदूर बदहाल की जिंदगी जीने को विवश हैं। महंगाई ने देश के किसान और मजदूरों के कमर को ही तोड़ दिया है। दूसरी तरफ देश की मोदी सरकार जाति के नाम पर, धर्म के नाम पर, संप्रदाय के नाम पर भोली भाली आम जनता को दिशा विहीन कर रही है। मोदी सरकार मे देश के सैकड़ो बड़े-बड़े पूंजीपति वर्गों का, दिन दुनी और रात चौगुनी आर्थिक वृद्धि हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ देश के किसान और मजदूरों की, दिन प्रतिदिन कमर टूटती जा रही है। मोदी सरकार ने पूंजीपति वर्गों का 56 हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया, लेकिन एक भी किसान का एक करोड़ तक का लोन भी माफ नहीं किया है। इस दौरान अन्य वक्ताओं ने कहा कि, मजदूरों के लिए बने 44 श्रम कानूनों में से 40 कानून को मोदी सरकार ने रद्द कर दिया है। जहां मनरेगा को ध्वस्त किया जा रहा है, वहीं स्कीम वर्कों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। मौके पर खेतिहर मजदूर राज्य महासचिव भोला प्रसाद दिवाकर, किसान महासभा के जिला मंत्री ललन कुमार, सीटू जिला मंत्री मनोज कुमार गुप्ता, किसान काउंसिल के जिला मंत्री सत्यनारायण सिंह, रघुनाथ राय, जीवछ पासवान, उमेश कुमार, जयंत कुमार, रामविलास शर्मा, वीरेंद्र प्रसाद मुन्ना, सुधीर देव, रामजतन राकेश, लाला प्रसाद, उपेन्द्र राय, अशोक कुमार, अवधेश मिश्रा, अभिषेक कुमार, उपेन्द्र राय, नीलम देवी, विधानचंद्र, रामसेवक राय, रामप्रकाश यादव, सुखदेव राय सहित सैकड़ों की संख्या में पार्टी के नेता मौजूद थे।







