???? बिग ब्रेकिंग: बेमौसम बारिश से गेहूं के फसल को भारी नुकसान, सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं की फसल खेत में ही गिड़े

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अरविन्द कुमार व अमित कुमार/समस्तीपुर: उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र में बीते शाम से देर रात तक हुई लगतार हल्की बारिश व हवा ने प्रखंड क्षेत्र के किसानों के कमर तोड़कर रख दिया है। इस बारिश व हवा के कारण प्रखंड क्षेत्र में लगे सैकड़ों एकड़ में गेहूं की फसल खेत में ही गिर गयी। जिसके कारण प्रखंड के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रखंड के रायपुर, लखनीपुर महेशपट्टी, बेलारी, गावपुर, लोहागीर, महिसारी, चांदचौर मध्य व चांदचौर करिहारा सहित सभी 28 पंचायतों में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा।

इस संबंध में बेलारी के किसान अशोक पुष्पम, लखनीपुर महेशपट्टी के किसान मोहम्मद परवेज आलम, गावपुर के किसान विद्यानंद सिंह व गौरी शंकर सिंह, चांदचौर करिहारा के मुखिया मनोरंजन गिरी, आदि का बताना है कि, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण गेहूं के फसल को भारी नुकसान हुआ है।  इस बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में खड़े गेहूं के पौधे खेतों में गिर गए हैं। बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने से गेहूं के दाने सड़ने के भी डर हैं। किसानों का यह भी कहना है कि, पिछले साल गेहूं के बेहतर दाम मिलने से किसानों ने अधिक रकबे में गेहूं की खेती की थी।उन्होंने यह भी कहा कि, गेहूं की फसल गिरने से, गेहूं के दाने काले पड़ जाते है, और उपज में कमी आती है।

वहीं दूसरी ओर खेत गीला होने के कारण गेहूं की कटाई में भी देरी होगी, देरी होने से गेहूं के दाने खेत में गिर जाएंगे। किसानों ने यह भी बताया कि उनके आम के बाग में लगे मंजर भी काफी गीड़े हैं। इस वारिश और तेज हवा ने उनलोगों के सामने विकट समस्या पैदा कर दिया है। खेत में पड़ी गेहूं की फसल से बेहतर उपज मिलने की उम्मीद धराशायी हो गई है। वहीं इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी उजियारपुर शिव शंकर प्रसाद का कहना है कि, प्रखंड क्षेत्र में 5544.1 हेक्टेयर में गेहूं के फसल की बुआई की गयी थी। जबकि किसानों के बीच 858.80 क्विंटल गेहूं के बीज का वितरण किया गया था। जिसमे से अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, पूरे प्रखंड में बारिश और तेज हवा के कारण करीब 348 हेक्टेयर में लगी गेहूं की फ़सल को क्षति हुई है। जिसका प्रतिशत  22% से 30% ही है, जबकि बिहार सरकार के मुताबिक यह क्षति 33% से अधिक होता है, तभी किसानों को फसल क्षति का मुआवजा दिया जा सकता है। हालांकि उन्होंने इसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को सौंप दिया है।

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