???? बिग ब्रेकिंग: समस्तीपुर में दिखने लगा बंद का असर, सड़क पर टायर जलाकर नारेबाजी करते दिखे आंदोलनकारी आमलोग रहे हलकान, घंटों जाम में फंसी रही नगर थाने की पुलिस

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अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) जिला मुख्यालय स्थित ऑभरब्रीज पुल के पास, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को लेकर, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के विरोध में, दलित संगठनों ने बुधवार 21 अगस्त को अपना मोर्चा खोल दिया। दलित संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ, जिला मुख्यालय स्थित दरभंगा पटोरी मुख्य पथ को ओभरब्रीज पुल के पास, सड़क पर टायर जलाकर तथा भारत सरकार व सुप्रीम कोर्ट के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए, दरभंगा पटोरी मुख्य पथ को एसडीओ सदर कार्यालय के पास जाम कर दिया।

हालांकि भारत बंद को देखते हुए स्थानीय पुलिस भी मौके पर नजर बनाई हुई है। वहीं दुसरी ओर जिला के मुसरीघरारी और उसके आसपास के ईलाकों में भारत बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। सामान्य दिनों की तरह ही एनएच व एसएच के आसपास की दुकाने खुली हुई रही, तथा आवाजाही भी होती रही है।

इस दौरान बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल पद के लिए जिला के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित, परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा से संबंधित सामग्री ले जाने के दौरान, संबंधित पदाधिकारियों के साथ भी प्रदर्शनकारियों की काफी नोकझोंक हुई।

इस दौरान मौके पर मौजूद बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष विनय कुमार राम ने बताया कि, आज जो सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एससी/एसटी उपवर्गीकरण का अध्यादेश जो लाया गया है, और उस अध्यादेश के माध्यम से अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को जो बांटा जा रहा है, वह पुरी तरह गलत है। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य वक्ताओं ने बताया कि, आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन ही एक सकारात्मक प्रयास है, जो शोषित व वंचित के बीच चेतना का नया संचार करेगा, तथा आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार होता है। उनलोगों ने यह भी कहा कि, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह किया था कि, संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसको लागू करनेवालों की मंशा सही होगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, सत्तासीन सरकारें ही जब धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान, और संविधान द्वारा दिये गये अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी, तो जनता को सड़कों पर उतरना ही होगा।

दलित संगठनों के द्वारा बुलाए गए इस भारत बंद को विपक्षी दलों का साथ भी नैतिक समर्थन प्राप्त रहा। मौके पर मौजूद भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि, जिस किसी भी समाजिक संगठन के द्वारा आज का यह भारत बंद बुलाया गया है, उसे भाकपा माले का पुरी तरह समर्थन प्राप्त है।

अभी जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है, उसके अनुसार कोटा में कोटा मतलब आरक्षण में आरक्षण, उसमें भी क्रीमिलेयर की बात की जा रही है, जो संविधान पर हमला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार को ज्यादा अधिकार मिल गया है कि, वह आरक्षण के साथ छेड़छाड़ कर सके। इसके खिलाफ बंदी बुलाया गया है।

दलितों को वर्गों में समूहों में बांटने की साजिश है, और इस साजिश का विरोध किया जा रहा है। यह आरक्षण के अंदर आरक्षण, कोटा के अंदर कोटा सिस्टम और क्रिमिलेयर नही चलेगा। यह आरक्षण का छेड़छाड़ है। इसलिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार इसे वापस ले। आपको बता दें कि प्रस्तावित इस भारत बंद को देखते हुए, समस्तीपुर पुलिस प्रशासन के द्वारा जिला के सभी चौक -चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी।

हांलांकि इस दौरान जिले के किसी भी ईलाके से कोई अप्रिय घटना की सुचना नही है। समाचार लिखे जाने तक जिले की ज्यादातर सड़कें जाम थीं।

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